डायल 112 — संकट में आपका सबसे भरोसेमंद साथी! छत्तीसगढ़ में अब तक 1.70 करोड़ से अधिक लोगों ने ली 112 की मदद। एक कॉल पर मिलती है पुलिस, एंबुलेंस और फायर सर्विस की सुविधा। आपात स्थिति में फोन, व्हाट्सएप, फेसबुक या ट्विटर से भी कर सकते हैं संपर्क। कॉल करने से न डरें — आपकी पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय।
रायपुर। जीवन में कभी भी ऐसी स्थिति आ सकती है जब तुरंत मदद की ज़रूरत हो — चाहे सड़क हादसा हो, आग लग जाए या कोई मेडिकल इमरजेंसी हो। ऐसे वक्त में डायल 112 आपका सबसे बड़ा सहारा बन सकता है। यह नंबर एक ही कॉल पर पुलिस, एंबुलेंस और फायर सर्विस जैसी सभी जरूरी सेवाएं आपके दरवाजे तक पहुंचाता है।
साल 2018 से अब तक छत्तीसगढ़ में करीब 1.70 करोड़ लोगों ने 112 पर कॉल किया है, जिनमें से लगभग 46 लाख कॉल सहायता योग्य थीं। वहीं, 4 लाख 27 हजार से ज्यादा सड़क हादसों में लोगों की जान बचाई गई। वर्तमान में यह सेवा 17 जिलों में सक्रिय है और जल्द ही इसे पूरे प्रदेश में शुरू करने की तैयारी चल रही है।
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रायपुर के सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर में कॉल रिसीव होती है। कॉल टेकर घटना का स्थान, कारण और स्थिति पूछकर जानकारी डिस्पैचर सेक्शन को भेजता है। वहां से नज़दीकी 112 वाहन (ERV) को तुरंत मौके पर भेजा जाता है। पूरी प्रक्रिया रीयल-टाइम में स्क्रीन पर ट्रैक होती है ताकि मदद में देरी न हो।
यदि एक ही स्थान से दो लोग कॉल करते हैं, तो टीम लोकेशन की जांच कर इवेंट को मर्ज कर देती है, ताकि एक ही घटना पर दो बार रिस्पांस न जाए। लेकिन अगर लोकेशन अलग हो, तो दो अलग-अलग गाड़ियां रवाना की जाती हैं।

कई बार ऐसी स्थिति होती है जब कॉल करना संभव नहीं होता। ऐसी परिस्थिति में व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से भी 112 से संपर्क किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर भेजी गई जानकारी भी कमांड सेंटर तक तुरंत पहुंचाई जाती है।
अक्सर लोग डरते हैं कि कहीं मदद के लिए कॉल करने पर उन्हें केस में फंसना न पड़े। लेकिन 112 की टीम ने स्पष्ट किया है कि कॉलर की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। न तो उन्हें गवाह बनाया जाता है, न ही कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
डायल 112 हर नागरिक की सुरक्षा के लिए है। इसलिए किसी भी आपात स्थिति में झिझकें नहीं, तुरंत 112 डायल करें। आपकी एक कॉल किसी की जान बचा सकती है।
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