दुर्ग, 7 मार्च। जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस और विभिन्न विभागों की संयुक्त कार्रवाई में करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर उगाए गए अफीम के पौधे जप्त किए गए हैं। जप्त पौधों की अनुमानित कीमत लगभग ₹8 करोड़ बताई जा रही है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

खेत में मक्का के बीच छिपाकर लगाई गई थी अफीम
पुलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम समोदा, झेनझरी और सिरसा के बीच स्थित खेत में अवैध अफीम की खेती की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पाया गया कि मक्का/भुट्टे की फसल के बीच-बीच में अफीम के पौधे लगाए गए थे, ताकि खेती को छिपाया जा सके।

संयुक्त टीम ने निरीक्षण कर करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में लगे अफीम के पौधों को जप्त किया। इनकी अनुमानित कीमत करीब ₹8 करोड़ आंकी गई है।
राजस्व विभाग ने की भूमि की जांच
मामले की जानकारी मिलने पर कलेक्टर दुर्ग के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार और अतिरिक्त तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और भूमि अभिलेखों की जांच की। जांच में ग्राम झेंझरी स्थित खसरा नंबर 309 (80 डिसमिल) और खसरा नंबर 310 (9 एकड़ 92 डिसमिल) सहित कुल 10 एकड़ 72 डिसमिल जमीन दर्ज पाई गई। 
तीन आरोपी गिरफ्तार
प्रारंभिक जांच में तीन लोगों की संलिप्तता सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं –
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विनायक ताम्रकार (58) निवासी तेमरापारा, दुर्ग
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विकास बिश्नोई (27) निवासी ग्राम मटोडा, जिला जोधपुर (राजस्थान), हाल मुकाम समोदा दुर्ग
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मनीष ठाकुर (45)
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि अफीम की खेती के लिए बाहर से लोगों को बुलाकर काम कराया जा रहा था।

NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
मामले में NDPS Act के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जप्त अफीम के पौधों की न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
कई विभागों की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई में दुर्ग पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), आबकारी विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही। अधिकारियों के अनुसार यह जिले में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई है।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नशीले पदार्थों के उत्पादन, परिवहन या व्यापार से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।