Jwala

Express News

छत्तीसगढ

सेवा की कहानी: कच्चे मकान की परेशानियों से मिली मुक्ति, पीएम जनमन आवास से नोहर साय का पक्के घर का सपना हुआ साकार

सेवा की कहानी: कच्चे मकान की परेशानियों से मिली मुक्ति, पीएम जनमन आवास से नोहर साय का पक्के घर का सपना हुआ साकार

151081020261238141010436140.jpg

*सेवा संकल्प अभियान*

*पहाड़ी कोरवा परिवार को मिला सुरक्षित आशियाना, बारिश में टपकती छत और घर की सुरक्षा की चिंता हुई दूर*

*वर्ष 2023-24 में स्वीकृत हुआ था आवास, शासकीय सहायता और अपनी बचत से पूरा किया पक्के मकान का निर्माण*

कभी सीमित संसाधनों के कारण पक्का घर बनाना था मुश्किल, अब परिवार को मिला सुरक्षा, सुकून और सम्मान का आधार

रायपुर, / बारिश के दिनों में छत से टपकता पानी, कच्चे मकान के क्षतिग्रस्त होने का डर और परिवार की सुरक्षा की चिंता कभी सरगुजा जिले के पहाड़ी कोरवा जनजाति के श्री नोहर साय के जीवन का हिस्सा थी। सीमित आमदनी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने परिवार के लिए पक्का मकान बनाना उनके लिए एक बड़ा सपना था। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत आवास योजना ने उनके इसी सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज नोहर साय का परिवार अपने पक्के घर में सुरक्षित और सुकून के साथ जीवन बिता रहा है।

सरगुजा जिले के लुण्ड्रा विकासखंड की ग्राम पंचायत ससौली के ग्राम चांगोरी निवासी नोहर साय विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह पहाड़ी कोरवा से आते हैं। जिला मुख्यालय अम्बिकापुर से लगभग 55 किलोमीटर दूर रहने वाले इस परिवार को वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। योजना से मिली सहायता और अपनी मेहनत की कमाई से की गई बचत को जोड़कर उन्होंने पक्के मकान का निर्माण पूरा किया।

*बारिश में टपकती थी छत, परिवार की सुरक्षा को लेकर बनी रहती थी चिंता*

नोहर साय बताते हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश शुरू होते ही छत से पानी टपकने लगता था। कच्चे मकान के क्षतिग्रस्त होने की आशंका के साथ परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती थी। जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी परेशानी का कारण था।

परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे अपनी कमाई से पक्का मकान बनवा सकें। सीमित संसाधनों के बीच घर की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही प्राथमिकता थी। ऐसे में पक्के मकान का सपना लंबे समय तक अधूरा रहा।

*शासकीय सहायता और अपनी बचत से पूरा किया घर बनाने का सपना*

वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर नोहर साय को अपना पक्का घर बनाने का अवसर मिला। उन्होंने योजना से प्राप्त सहायता राशि के साथ अपनी मेहनत की कमाई से बचाई गई राशि का उपयोग कर मकान निर्माण पूरा किया।

पक्का मकान बन जाने के बाद परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने और घर के क्षतिग्रस्त होने की चिंता नहीं रहती। परिवार को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध हुआ है।

*पक्की छत के साथ जीवन में आया सुकून और आत्मविश्वास*

नोहर साय के लिए पक्का मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि वर्षों की परेशानी से मिली राहत और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद है। पहले कच्चे मकान में रहने के दौरान मौसम बदलने के साथ घर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ जाती थी। अब अपने पक्के घर में परिवार के साथ रहना उन्हें सुकून देता है।

पक्का आवास मिलने से परिवार को बारिश और अन्य मौसमी परेशानियों से बेहतर सुरक्षा मिली है। इसके साथ ही घर की मजबूती को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं रहने से परिवार में आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

*विशेष पिछड़ी जनजातीय परिवारों के लिए सुरक्षित आवास का संबल*

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के पात्र परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आवास योजना के माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराना इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

नोहर साय की कहानी बताती है कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास सहायता कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। सीमित आमदनी के कारण जो परिवार अपने संसाधनों से पक्का घर नहीं बना पाते, उनके लिए योजना से मिलने वाला सहयोग सुरक्षित आवास का सपना पूरा करने का माध्यम बन रहा है।

*कच्चे घर से पक्के आशियाने तक, बदली परिवार की जिंदगी*

कभी कच्चे मकान में मौसम की मुश्किलों और असुरक्षा के बीच जीवन बिताने वाला नोहर साय का परिवार आज अपने पक्के घर में रह रहा है। वर्षों से संजोया सपना पूरा होने के साथ परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार मिला है।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नोहर साय की यह कहानी जनकल्याणकारी योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में आने वाले बदलाव को सामने लाती है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से मिली सहायता और स्वयं की मेहनत ने उनके पक्के घर का सपना साकार किया है। आज यह घर उनके परिवार के लिए केवल एक आशियाना नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान, सुकून और बेहतर भविष्य के प्रति विश्वास का प्रतीक बन गया है।



एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

897021120260635181011005435.png
437021120260634491010996317.jpg
542021120260634241011005422.png
553251020261222291010838759.png
215251020261218411010837320.png
336231020261223311010791831.png

Related News

Advertisement

Advertisement

ताज़ा समाचार

Popular Post

This Week
This Month
All Time

Advertisement

Advertisement

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.