Jwala

Express News

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

मानसून पूर्व तैयारियां तेज, मुख्य सचिव ने ली बाढ़ नियंत्रण हाई पावर कमेटी की बैठक

मानसून पूर्व तैयारियां तेज, मुख्य सचिव ने ली बाढ़ नियंत्रण हाई पावर कमेटी की बैठक

6032505202617221972225052026135817whatsappimage2026-05-25at7.21.25pm(1).webp

1 जून से कलेक्टर्स देंगे प्रतिदिन रिपोर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों और बड़े जलाशयों पर रखी जाएगी चौबीसों घंटे नजर
रायपुर। 
आगामी मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। राहत शिविरों के प्रबंधन से लेकर आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी आवश्यक पहलुओं पर व्यापक रणनीति तैयार की गई। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य स्तरीय उच्च स्तरीय बाढ़ नियंत्रण समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। 
-कलेक्टर्स को कड़े निर्देश- 1 जून से शुरू होगी दैनिक मॉनिटरिंग
मुख्य सचिव ने राज्य के सभी जिला कलेक्टर्स एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्षों को मानसून 2026 के मद्देनजर सुरक्षा और राहत व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। सभी कलेक्टर्स को आगामी 1 जून से प्रतिदिन वर्षा की स्थिति और उससे होने वाली संभावित क्षति की जानकारी अनिवार्य रूप से शासन को भेजनी होगी। प्रत्येक जिले में बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
-राज्य और जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में जून माह में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। आपदा के समय त्वरित सहायता और समन्वय के लिए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) क्रियाशील कर दिया गया है। महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र (स्टेट कंट्रोल रूम) राज्य स्तर पर दूरभाष क्रमांक 0771-2223471, 0771-2221242 ओर फैक्स क्रमांक 0771-2223472 इसके साथ ही सभी जिला मुख्यालयों में भी जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा चुके हैं। बैठक में मुख्य सचिव ने बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति में जनहानि को शून्य रखने के लिए विभागों को उनकी जिम्मेदारी दी है।
-खाद्य, स्वास्थ्य एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
पहुंचविहीन और संवेदनशील क्षेत्रों में राशन, नमक, केरोसिन और जीवन रक्षक दवाओं का अग्रिम भंडारण अभी से सुनिश्चित किया जाए। बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए विशेष चिकित्सा दलों का गठन किया जाए। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
-जल संसाधन, नगर सेना और नागरिक सुरक्षा
हर साल बाढ़ से प्रभावित होने वाले निचले इलाकों की पहचान कर वहां चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। बाढ़ से बचाव के उपकरणों और मोटरबोट्स की तत्काल मरम्मत करा ली जाए। नगर सेना और नागरिक सुरक्षा अमले को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। बड़े बांधों का जलस्तर बढ़ने पर जल निकासी (पानी छोड़ने) से कम से कम 12 घंटे पहले निचले जिलों और सीमावर्ती राज्यों को अलर्ट जारी करना अनिवार्य होगा।
-लोक निर्माण, वन और नगरीय प्रशासन विभाग
प्रदेश के जर्जर व कमजोर हो चुके पुल-पुलियों, रपटों और सरकारी इमारतों की पहचान कर तत्काल मरम्मत कराई जाए। दुर्घटनाजन्य स्थलों पर बैरियर और सूचना पटल लगाए जाएं। बाढ़ प्रभावितों के मकान क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में वन विभाग नजदीकी डिपो में बांस-बल्ली का पर्याप्त भंडारण रखे।
नगरीय निकायों को मानसून के दौरान शहरों की सभी छोटी-बड़ी नालियों की निरंतर सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलभराव की स्थिति न बने।
-कृषि विभाग और मौसम केंद्र
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी भारी वर्षा की चेतावनियों को समय पर जिला कंट्रोल रूम और आम जनता तक पहुँचाया जाए। किसानों को मोबाइल ऐप्स के माध्यम से मौसम का पूर्वानुमान भेजा जाए।
बाढ़ से फसलों को होने वाले नुकसान का सर्वे राजस्व, कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे और त्वरित रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
-जर्जर भवनों और आपदा प्रबंधन ऐप्स पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने नगरीय क्षेत्रों में स्थित जर्जर और खतरनाक भवनों की लगातार निगरानी करने तथा वहां रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। नागरिकों की सुरक्षा के लिए विभिन्न आपदा प्रबंधन और मौसम पूर्वानुमान मोबाइल ऐप्स का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया गया। उच्च स्तरीय बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, वित्त विभाग की विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा सहित गृह, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, खाद्य, जनसम्पर्क, रेलवे, दूरदर्शन, रेडक्रॉस सोसाइटी और भारत संचार निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


RO. NO 13783/ 27

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

RO. NO 13783/ 27
921060520260450131007062156.jpg

Related News

Advertisement

RO. NO 13783/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
921060520260450131007062156.jpg

Popular Post

This Week
This Month
All Time

Advertisement

RO. NO 13783/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
921060520260450131007062156.jpg

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.