Jwala

Express News

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

रजिस्ट्री हुई और तुरंत हो गया नामांतरण, अजीत राम साहू को नहीं लगाने पड़े तहसील के चक्कर

रजिस्ट्री हुई और तुरंत हो गया नामांतरण, अजीत राम साहू को नहीं लगाने पड़े तहसील के चक्कर

275101020260719311010466475.jpg

*सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

*ऑटोम्यूटेशन से खत्म हुआ लंबे इंतजार और बार-बार कार्यालय जाने का झंझट, किसान का बचा समय*

 

**मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं में तकनीकी सुधारों का मिल रहा लाभ, हितग्राही ने साझा किया अनुभव*

 

रायपुर, 09 अक्टूबर 2026/ जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने और लंबे इंतजार की परेशानी अब तकनीक आधारित व्यवस्था से कम हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के श्री अजीत राम साहू ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया। पहले जिस नामांतरण के लिए उन्हें अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था और काम पूरा होने का इंतजार करना पड़ता था, इस बार वह रजिस्ट्री के तुरंत बाद ही पूरा हो गया। पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा से उन्हें न केवल कार्यालयों की अनावश्यक दौड़भाग से राहत मिली, बल्कि समय की भी बचत हुई। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रियाओं को आपस में जोड़ने के साथ आधार आधारित ई-केवाईसी जैसी सुविधाओं से नागरिकों के लिए संपत्ति संबंधी कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाया जा रहा है। इन सुधारों का जमीनी प्रभाव जानने के लिए पंजीयन विभाग ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव संकलित कर रहा है।

*पहले नामांतरण के लिए करना पड़ता था इंतजार, अब रजिस्ट्री के साथ ही पूरा हुआ काम*

श्री अजीत राम साहू ने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था। कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता था। इससे खेती-किसानी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए समय निकालने में भी परेशानी होती थी।

इस बार ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था से रजिस्ट्री के तुरंत बाद उनका नामांतरण पूरा हो गया। इससे उन्हें अलग से तहसील कार्यालय जाने और नामांतरण के लिए इंतजार करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। श्री साहू ने बताया कि इस सुविधा से उनका समय बचा और संपत्ति से जुड़े आगे के कार्यों को पूरा करने में भी आसानी हुई।

*ऑटोम्यूटेशन से रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया हुई आसान*

पंजीयन विभाग द्वारा लागू ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे पंजीयन और राजस्व विभाग की संबंधित प्रक्रियाओं के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। नागरिकों को नामांतरण के लिए अलग से आवेदन करने और बार-बार संबंधित कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है।

इस व्यवस्था का विशेष लाभ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है, जिन्हें पहले जमीन के नामांतरण के लिए तहसील और राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया जुड़ने से समय की बचत और अनावश्यक दौड़भाग में कमी आ रही है।

*आधार आधारित ई-केवाईसी से पंजीयन में बढ़ रही पारदर्शिता*

पंजीयन व्यवस्था में तकनीक का उपयोग केवल नामांतरण तक सीमित नहीं है। आधार आधारित ई-केवाईसी के माध्यम से क्रेता, विक्रेता और गवाहों की पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। इससे पहचान संबंधी प्रक्रिया अधिक सुगम होने के साथ गलत पहचान के आधार पर पंजीयन की आशंका कम करने में मदद मिल रही है।

तकनीक आधारित इन सुधारों से पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। नागरिकों के लिए संपत्ति पंजीयन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर समय और अनावश्यक कार्यालयीन कार्यवाही को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

*अजीत राम की कहानी—तकनीक से आसान हुआ जमीन का काम*

श्री अजीत राम साहू ने रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण होने और कार्यालयों के अतिरिक्त चक्कर से राहत मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पंजीयन सेवाओं में किए गए सुधारों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्री साहू का अनुभव बताता है कि पंजीयन व्यवस्था में तकनीकी सुधारों का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। उनके लिए ऑटोम्यूटेशन केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि लंबे इंतजार से मुक्ति, समय की बचत और संपत्ति संबंधी कार्यों को आसानी से पूरा करने का माध्यम बना है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सामने आई अजीत राम साहू की यह कहानी पंजीयन सेवाओं में आ रहे बदलाव का उदाहरण है। जहां पहले रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से कार्यालयीन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, वहीं अब तकनीक के माध्यम से दोनों प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों को सुविधा मिल रही है।



एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

ताज़ा समाचार

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.