दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड मामले में गिरफ्तार सह-मालिक लवकेश बजाज ने पुलिस पूछताछ में बड़ा दावा करते हुए कहा है कि वह होटल का सीधे तौर पर प्रबंधन नहीं करता था।
देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित एक पांच मंजिला होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में दिल्ली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है।
हालांकि, पुलिस हिरासत में हुई विधिक पूछताछ के दौरान आरोपी लवकेश बजाज ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है। उसने दिल्ली पुलिस के सामने अपने ऊपर लगे सभी प्रशासनिक आरोपों को नकारते हुए साफ कहा है कि, "होटल मैं नहीं चलाता था।" इस नए बयान के सामने आने के बाद पुलिस अब इस पूरे मामले में छिपे अन्य किरदारों की तलाश में जुट गई है।
दूसरे व्यक्ति को सौंप रखी थी दैनिक कामकाज और बिलिंग की जिम्मेदारी
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, लवकेश बजाज ने पूछताछ में बताया कि वह होटल के सीधे प्रबंधन से पूरी तरह दूर था। उसने दैनिक कामकाज, बिलिंग, अकाउंट्स और होटल की पूरी आंतरिक व्यवस्था संभालने के लिए एक दूसरे व्यक्ति को अधिकृत कर रखा था और सारी जिम्मेदारी उसी के पास थी। केवल इतना ही नहीं, होटल की पांच मंजिला इमारत में नियमों के विरुद्ध जाकर किए गए अवैध संरचनात्मक बदलावों पर भी बजाज ने पूरी तरह अपना पल्ला झाड़ लिया है।
उसने दावा किया कि होटल में कमरों का साइज बढ़ाने, संकरी गलियों के बावजूद अतिरिक्त निर्माण करने और ग्राउंड फ्लोर पर सीढ़ियों के पास सामान रखने जैसे तमाम जानलेवा सुझाव उसी दूसरे व्यक्ति ने दिए थे, जिसे उसने पूरी कमान सौंपी थी।
'आश्वासन मिला था कि दिल्ली में सब चलता है'—बिना फायर एनओसी के चल रहा था पूरा खेल
जांच के दौरान जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो लवकेश बजाज ने व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला एक कड़वा सच भी कुबूल किया। उसने स्वीकार किया कि उसे इस बात की पूरी जानकारी थी कि होटल के पास 'फायर एनओसी' नहीं था। इसके बावजूद इमारत में धड़ल्ले से कमर्शियल एक्टिविटी जारी थी क्योंकि बदलाव करने वाले उसी व्यक्ति ने उसे पूरा आश्वासन दिया था कि, "दिल्ली में प्रशासनिक स्तर पर ऐसा सब कुछ चलता रहता है, कोई दिक्कत नहीं आएगी।"
इसी लापरवाही का नतीजा रहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर पर सीढ़ियों के पास रखे सामान में जैसे ही शॉर्ट सर्किट से आग लगी, पूरी इमारत एक बंद 'शाफ्ट' में बदल गई। खिड़कियां पूरी तरह बंद होने के कारण धुएं को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला और अंदर ठहरे लोगों को रेस्क्यू करने में भारी कठिनाई आई।
12 विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की हो चुकी है मौत
आपको बता दें कि इस दिल दहला देने वाले भीषण अग्निकांड में अब तक 12 विदेशी नागरिकों समेत कुल 21 मासूम लोगों की दम घुटने और बुरी तरह झुलसने के कारण दर्दनाक मौत हो चुकी है। हादसे के बाद 49 लोगों को गंभीर हालत में मैक्स और अन्य नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 8 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी का गहन विधिक इलाज अब भी जारी है।
दिल्ली पुलिस अब इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग और अन्य विकास एजेंसियों के रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसके साथ ही, पुलिस टीम लवकेश बजाज की दिल्ली भर में मौजूद अन्य संपत्तियों और होटलों की भी सघन जांच कर रही है ताकि वहां के सुरक्षा मानकों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लवकेश बजाज को गुरुवार को साकेत अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी रिमांड मांगकर उस अज्ञात 'दूसरे व्यक्ति' का पता लगाएगी जिसके इशारे पर मौत का यह होटल चलाया जा रहा था।
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