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दुर्ग - भिलाई

किसानों के हितों की रक्षा के लिए मैदानी स्तर पर कृषि विभाग

किसानों के हितों की रक्षा के लिए मैदानी स्तर पर कृषि विभाग

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दुर्ग/ खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय निरीक्षण दल एवं जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा मेसर्स अथर्वा एग्रो कैमिकल प्राईवेट लिमिटेड, रवेलीडीह विकासखंड दुर्ग का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान परिसर में कीटनाशकों के विनिर्माण संबंधि दस्तावेजों के अवलोकन से पाया गया कि अधिकांश कीटनाशकों का टेक्नीकल ग्रेड क्रय किया गया है परंतु कुछ उत्पाद का सीधे फार्मूलेटेड कीटनाशक विभिन्न कंपनियों से भारी मात्रा में क्रय कर अपनी पैकेंजिग में पैक कर विक्रय किया गया, इस हेतु स्पष्ट दस्तावेज निरीक्षण दल को अवलोकन नही कराये जाने के कारण कीटनाशी अधिनियम 1968 के तहत कीटनाशक दवाईयों ग्लूफोसिनेट अमोनियम 13.5 प्रतिशत एल 780 लीटर, इमाजेथापायर 1200 लीटर, कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड 5 प्रतिशत एसपी 1065 कि.ग्रा, पेंडिमेथालिन 38.7 प्रतिशत सीएस 84 लीटर, ग्लाइफोसेट आइपीएस साल्ट 41 प्रतिशत एसएल 3310 लीटर, का विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही विभिन्न ग्रेड के उर्वरक आयात एवं बायोस्टीमुलेन्ट के विनिर्माण अनुज्ञापन के संबंध में पूछे जाने पर कंपनी द्वारा विभिन्न ग्रेड के वाटर साल्यूवल उर्वरकों का क्रय किया जाना बताया गया, लेकिन दस्तावेज निरीक्षण दल को अवलोकन नही कराये गये, जो कि उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 उल्लंघन होने के कारण एनपीके 16ः08ः24 960 कि.ग्रा व एनपीके 19ः19ः19 660 कि.ग्रा उर्वरक के विक्रय को प्रतिबंधित किया गया।

कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि किसानों को खाद-बीज की किल्लत पैदा करने वाले, कालाबाजारी करने वाले या बिना वैध दस्तावेजों के अमानक उर्वरक/कीटनाशक औषधि विक्रय करने वाले कृषि केन्द्रों पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी। यदि भविष्य में कोई भी विक्रेता अथवा निर्माता द्वारा नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस निलंबित/निरस्त करने के साथ-साथ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही सभी उर्वरक विक्रेताओं एवं समितियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराएं तथा अधिक मूल्य वसूली की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। विभाग द्वारा खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। निर्धारित दर से अधिक दाम पर विक्रय किए जाने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। किसान भाई किसी भी प्रकार की उर्वरक वितरण में अनियमितता पाये जाने पर इसकी शिकायत नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में कर सकते हैं। राज्य स्तरीय निरीक्षण दल- श्री मंयक बघेल उप संचालक कृषि, श्री हर्ष मिश्रा सहायक संचालक कृषि, श्री जितेन्द्र ठाकुर सहायक संचालक कृषि एवं जिला स्तरीय निरीक्षण दल- श्री संदीप कुमार भोई उप संचलाक कृषि दुर्ग, श्रीमति निलिमा राजपूत उर्वरक निरीक्षक सिरसा, श्री सुनील सिंगौर ग्रा.कृ.वि.अ तथा श्री पवन कुमार देवांगन ग्रा.कृ.वि.अ ने संयुक्त रुप से मिल कर उपरोक्त कार्यवाही की।



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