Jwala

Express News

रायपुर

पारंपरिक खेती छोड़ अपनाया वैज्ञानिक दृष्टिकोण: केरलापाल के कालेंद्र कुमेटी बने किसानों के रोल मॉडल

पारंपरिक खेती छोड़ अपनाया वैज्ञानिक दृष्टिकोण: केरलापाल के कालेंद्र कुमेटी बने किसानों के रोल मॉडल

593030620260758491007643731.jpg

नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से बचा रहे हैं जमीन की उर्वरता, विविधीकरण से बदली किस्मत

रायपुर, / छत्तीसगढ़ के दूरदराज के गांवों में अब आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की बयार बहने लगी है। इसकी जीती-जागती मिसाल पेश की है, ग्राम केरलापाल के प्रगतिशील किसान कालेंद्र कुमेटी ने। कभी पारंपरिक खेती के कारण आर्थिक तंगी और बढ़ती लागत से जूझने वाले कालेंद्र आज अपनी मेहनत, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बल पर न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं।

*संघर्ष से सफलता तक का सफर*

     कुछ वर्ष पहले तक कालेंद्र कुमेटी भी अन्य किसानों की तरह पारंपरिक ढर्रे पर खेती कर रहे थे। लागत लगातार बढ़ रही थी और उत्पादन उस अनुपात में बेहद कम हो रहा था, जिससे परिवार का गुजारा मुश्किल था। लेकिन हार मानने के बजाय उन्होंने लीक से हटकर कुछ नया करने की ठानी। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों की बारीकियों को समझा।

*नैनो टेक्नोलॉजी और समन्वित कृषि पर फोकस*

    कालेंद्र की सफलता का सबसे बड़ा राज रासायनिक खादों का अनियंत्रित उपयोग बंद कर वैज्ञानिक विकल्पों को चुनना रहा। उन्होंने बताया कि फसल उत्पादन के लिए नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग सबसे बेहतर है। इससे न केवल फसलों को भरपूर पोषण मिलता है, बल्कि जमीन की प्राकृतिक उर्वरकता (उपजाऊ क्षमता) भी नष्ट नहीं होती।

      इसके अलावा, उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए 'इंटीग्रेटेड फार्मिंग' (समन्वित कृषि) को अपनाया। धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ वे अब सब्जियों, फलदार पौधों की खेती, पशुपालन, मछली पालन और उद्यानिकी (Horticulture) भी कर रहे हैं।

*जल संरक्षण और मिट्टी परीक्षण को दी प्राथमिकता*

    कालेंद्र अपने खेतों में पानी की हर बूंद का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली (टपक सिंचाई) का उपयोग कर रहे हैं। इससे पानी की भारी बचत हो रही है और पौधों को जरूरत के अनुसार ही नमी मिल रही है। वे नियमित रूप से अपने खेतों का मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) करवाते हैं, ताकि जमीन में जिस पोषक तत्व की कमी हो, केवल वही खाद दी जा सके।

*गांव में आया सकारात्मक बदलाव*

     कालेंद्र की इस सफलता ने ग्राम केरलापाल की सूरत बदल दी है। उनसे प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान भी अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपना रहे हैं। कालेंद्र खुद आगे बढ़कर अपने अनुभव और ज्ञान को साथी किसानों के साथ साझा करते हैं। कालेंद्र कुमेटी ने कहा कि अगर खेती को पारंपरिक ढर्रे के बजाय वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नई तकनीक और सीखने की इच्छाशक्ति के साथ किया जाए, तो यह घाटे का सौदा नहीं बल्कि बेहद लाभकारी व्यवसाय बन सकता है।

    कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी कालेंद्र के इस जज्बे और दूरदर्शिता की सराहना की है, जो आज छत्तीसगढ़ के समृद्ध किसान की एक नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।



एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

62408082026094418hareli_300x250.jpeg

Related News

Advertisement

RO. NO 13997/30
65617072026192135mahtari_vandan.jpeg
62408082026094418hareli_300x250.jpeg
679160820261325471009259529.jpg

Advertisement

ताज़ा समाचार

Popular Post

This Week
This Month
All Time

Advertisement

Advertisement

RO. NO 13997/30
65617072026192135mahtari_vandan.jpeg
679160820261325471009259529.jpg

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.