Jwala

Express News

रायपुर

बस्तर देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनेगा : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

बस्तर देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनेगा : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

240150620260314251007876816.jpg

बस्तर के आर्थिक विकास और लघु वनोपजों के समुचित उपयोग के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक का विमोचन

रायपुर /नक्सलवाद का दंश झेलते-झेलते बस्तर चार दशकों तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहा, लेकिन अब नक्सलवाद की समाप्ति के साथ केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर को देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा, पांचजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की दौड़ में काफी पीछे रह गया था। अब परिस्थितियां बदल रही हैं और एक नए, विकसित तथा समृद्ध बस्तर के निर्माण का अवसर प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे आमजन को मूलभूत सुविधाओं सहित सभी आवश्यक सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पूर्व ही यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण किए हैं। उनके नेतृत्व में देश ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली सफलता भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया गया।

उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व समाज में विश्वास और उत्साह का संचार करता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश में माओवाद के विरुद्ध सामूहिक संकल्प विकसित हुआ। सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा, आम जनता खुलकर माओवाद के विरोध में सामने आई और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की। इस संघर्ष में लेखकों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह बस्तर आए थे, जहां उन्होंने पत्रकारों से मुलाकात कर उनके योगदान की सराहना की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री राजीव रंजन प्रसाद और सुश्री रचना नायडू ने यह पुस्तक ऐसे समय में लिखी है, जब माओवाद की समाप्ति हो चुकी है। इस दृष्टि से यह पुस्तक और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। समय के साथ स्मृतियां धुंधली हो जाती हैं और घाव भरने लगते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि माओवाद के कठिन दौर और उससे मुक्ति के संघर्ष को दस्तावेज़ी रूप में सुरक्षित रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उससे सीख सकें।

उन्होंने कहा कि जब भावी पीढ़ियां इस विषय पर लिखी पुस्तकों को पढ़ेंगी, तब उन्हें यह समझने का अवसर मिलेगा कि माओवाद से मुक्ति के लिए समाज और सुरक्षा बलों ने कितना कठिन संघर्ष किया तथा कितने जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। यह पुस्तक उन्हें यह भी बताएगी कि हिंसा किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकती और लोगों का विश्वास केवल संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर ही जीता जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि लेखकों ने अत्यंत गंभीर और व्यापक शोध किया है। उन्होंने बस्तर समाज के विभिन्न वर्गों, आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा नक्सलवाद को निकट से देखने और झेलने वाले लोगों से संवाद कर महत्वपूर्ण तथ्यों का संकलन किया है। पुस्तक यह उजागर करती है कि किस प्रकार माओवादी नेतृत्व ने अपने कैडर का विस्तार किया और अनेक परिवारों पर संगठन में सदस्य भेजने का दबाव बनाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लेखकों ने अपने शोध में जिन पूर्व नक्सलियों से बातचीत की, उनमें लगभग 80 प्रतिशत लोग अशिक्षित या केवल पांचवीं कक्षा तक शिक्षित पाए गए। जिस आयु में उनके हाथों में कलम होनी चाहिए थी, उस आयु में उन्हें हथियार थमा दिए गए। माओवाद ने एक पूरी पीढ़ी को शिक्षा से वंचित रखा, उन्हें परिवार और समाज से दूर कर दिया। उन्होंने कहा कि श्री राजीव रंजन प्रसाद ने बस्तर पर पहले भी कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें माओवाद का वास्तविक चेहरा उजागर करने के साथ-साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति का भी प्रभावी चित्रण किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब बस्तर के नवनिर्माण का समय है। राज्य सरकार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के माध्यम से योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। नियद नेल्ला नार योजना और बस्तर मुन्ने अभियान के जरिए शासकीय योजनाओं का लाभ सैचुरेशन मोड में लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। जहां पहले सुरक्षा कैंप स्थापित थे, वहां अब सेवा डेरे विकसित किए जा रहे हैं, जो शासकीय सेवाओं, कौशल विकास और उद्यमिता के केंद्र बनेंगे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में बस्तर की लगभग 85 प्रतिशत आबादी की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन के माध्यम से अगले तीन वर्षों में इस आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। सहकारिता के माध्यम से बस्तर को अग्रणी संभाग बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जनजातीय परिवारों को गाय अथवा भैंस उपलब्ध कराकर कृषि के साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और उन्हें बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नए बस्तर में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार बैराज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से यहां की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने पुस्तक के लेखक श्री राजीव रंजन प्रसाद और सुश्री रचना नायडू को इस महत्वपूर्ण कृति के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

*विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक को बताया वर्षों की मेहनत का परिणाम*

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक वर्षों की मेहनत और गहन अध्ययन का परिणाम है। यह पुस्तक किसी वातानुकूलित कक्ष में बैठकर नहीं लिखी गई, बल्कि बस्तर के दूरस्थ जंगलों तक पहुंचकर, आत्मसमर्पित नक्सलियों से संवाद कर और जमीनी वास्तविकताओं को समझकर तैयार की गई है।

*उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा - माओवाद पेट से नहीं, दिमाग से आया था*

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि माओवाद किसी आर्थिक आवश्यकता से नहीं, बल्कि एक विचारधारा के रूप में आया था। इसका उद्देश्य बंदूक की नली के बल पर सत्ता स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि आज वे बंदूकें वापस रखवाई जा चुकी हैं और समाज सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।

इस दौरान उन्होंने बाबा नागार्जुन की कविता का उल्लेख भी किया। श्री शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद बस्तर में मेलों, मड़इयों और साप्ताहिक बाजारों में फिर से रौनक लौट आई है। देवगुड़ियों में पूजा-पाठ पुनः प्रारंभ हो गया है। राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और प्रभावित परिवारों के लिए बेहतर पुनर्वास व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है तथा इसके लिए पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने भी पुस्तक के लेखक श्री राजीव रंजन प्रसाद एवं सुश्री रचना नायडू को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में साहित्य, मीडिया, समाज सेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे।



एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

62408082026094418hareli_300x250.jpeg

Related News

Advertisement

RO. NO 13997/30
65617072026192135mahtari_vandan.jpeg
62408082026094418hareli_300x250.jpeg
679160820261325471009259529.jpg

Advertisement

Popular Post

This Week
This Month
All Time

Advertisement

Advertisement

RO. NO 13997/30
65617072026192135mahtari_vandan.jpeg
679160820261325471009259529.jpg

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.