Jwala

Express News

रायपुर

सफलता की कहानी* करेले की उन्नत खेती से चमकी किसान नारायण प्रसाद वर्मा की किस्मत

सफलता की कहानी* करेले की उन्नत खेती से चमकी किसान नारायण प्रसाद वर्मा की किस्मत

544020920261134391009583117.jpg

प्रति एकड़ कमाया 1.07 लाख रुपये का शुद्ध लाभ

रायुपर/ पारंपरिक खेती से इतर आधुनिक तकनीकों और उद्यानिकी फसलों को अपनाने से किसानों की तकदीर बदल रही है। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा अंतर्गत ग्राम टेंगराही के कृषक श्री नारायण प्रसाद वर्मा ने इसे सच कर दिखाया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के सहयोग से करेले की व्यावसायिक खेती अपनाकर वे न केवल अपनी आय दोगुनी कर चुके हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गए हैं।Image after paragraph

*सरकारी अनुदान और योजनाओं का मिला लाभ*

     युवा किसान की करेले की खेती से किस्मत चमक गई हैए जिसके तहत उन्हें लागत के हिसाब से अच्छा मुनाफा मिल रहा हैं, जिसके लिए वह कई सालों से करेले की खेती कर लाखों रुपए मुनाफा कमा रहे हैं

1.06 हेक्टेयर कृषि भूमि के मालिक श्री वर्मा पहले केवल धान की पारंपरिक खेती करते थे, जिससे सीमित आय प्राप्त होती थी। आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ लिया। योजना के तहत शासन से उन्हें सब्जी क्षेत्र विस्तार हेतु 1 हेक्टेयर क्षेत्र में करेले की खेती के लिए 24,000 का अनुदान मिला। सपोर्ट सिस्टम स्थापना हेतु 0.50 हेक्टेयर क्षेत्र में सपोर्ट सिस्टम लगाने के लिए 5,000 की राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से उनके खाते में हस्तांतरित की गई।

*आधुनिक कृषि तकनीकों ने बढ़ाई उपज*

      श्री वर्मा ने खेती में नवाचार करते हुए ड्रिप सिंचाई (टपक सिंचाई), प्लास्टिक मल्चिंग और आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग किया। इससे पानी की भारी बचत हुई और फसल की गुणवत्ता व उत्पादन में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि करेले की उन्नत और आधुनिक तकनीकों और मचान विधि से खेती करके किसान कम समय में लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। श्री वर्मा ने बताया कि खेत में नमी बनाए रखने और खरपतवार रोकने के लिए मल्चिंग शीट और पानी की बचत के लिए ड्रिप इरिगेशन, टपका सिंचाई का उपयोग किया जाता है।

*12 टन उत्पादन और 1.07 लाख का शुद्ध मुनाफा*

     करेले की खेती कर रहे युवा किसान नारायण प्रसाद वर्मा ने बताया कि पहले हम पारंपरिक खेती करते थे, पर इसमें उन्हें अधिक मुनाफा नहीं हो पा रहा था। इसके बाद उन्होंने करेले की खेती की शुरुआत की, जिसमें उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ। उन्होंने तकनीकी प्रबंधन और उचित देखरेख के कारण उन्हें प्रति एकड़ करेले की फसल से लगभग 12 टन उत्पादन हासिल हुआ। बाजार में फसल का सही मूल्य मिलने पर सभी लागत और खर्चों को निकालकर उन्हें एक लाख 7 हजार रूपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। इस सफलता से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि कृषि के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।



एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.