Jwala

Express News

रायपुर

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय के अस्थायी परिसर एवं आई-हब रायपुर का किया वर्चुअली उद्घाटन

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय के अस्थायी परिसर एवं आई-हब रायपुर का किया वर्चुअली उद्घाटन

58722062025125026img-20250622-wa0023.jpg

छत्तीसगढ़ के लिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन-केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह

*नक्सल विरोधी अभियान में सफलता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार की तारीफ की*

*पहली बार वर्षा ऋतु में भी चलेगा नक्सल विरोधी अभियान-केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह*

*केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होने की की अपील*

रायपुर, -केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर स्थित राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के अस्थायी परिसर तथा आई-हब रायपुर का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। 

 

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन है। एनएफएसयू के अस्थायी परिसर के साथ-साथ नवा रायपुर में स्थायी परिसर के लिए भूमि पूजन एवं केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की भी शुरुआत की गई है। कुल 268 करोड़ रुपये की लागत से ये संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। अस्थायी परिसर में सत्र 2025-26 से बीएससी, एमएससी फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी, मनोविज्ञान, डिजिटल फॉरेंसिक एवं प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्सेस प्रारंभ हो जाएंगे। लगभग 180 छात्र पहले बैच में प्रवेश लेंगे।

 

केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि इन संस्थानों के निर्माण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत को आधुनिक न्याय प्रणाली और अपराध जांच में सशक्त आधार मिलेगा। नई फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी, जैसे डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, एलएसडी साइंस, साइबर सिक्योरिटी, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल फॉरेंसिक अब स्थानीय स्तर पर सुलभ होंगी, जिससे जाँच प्रक्रिया तेज और सटीक होगी। उन्होंने बताया कि अब फॉरेंसिक जांच के लिए राजधानी या दिल्ली की आवश्यकता नहीं होगी, सारी जांच अटल नगर, नवा रायपुर में ही संभव होगी।

 

आई-हब की स्थापना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्टार्टअप कल्चर से जोड़ने, तकनीकी सहायता देने, फंडिंग मुहैया कराने और मार्केटिंग एवं अनुबंध जैसी प्रोफेशनल सेवाएं देने में सहायक होगा। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे खुद उद्योगपति बनें, स्टार्टअप शुरू करें और राज्य के औद्योगिक विकास में भागीदार बनें। यह आई-हब, गुजरात के मॉडल पर आधारित है, और भविष्य में रायपुर से भी कई वैश्विक स्टार्टअप उभरने की संभावना है।

 

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हुए हैं, जिससे रोजगार, राजस्व और औद्योगिक संस्कृति को बल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन दोनों ने नक्सल विरोधी अभियान को निर्णायक गति दी है। पहली बार ऐसा हुआ है कि वर्षा ऋतु में भी सुरक्षा बल सक्रिय हैं और नक्सलियों को चैन से रहने नहीं दे रहे। उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होने की अपील की।

 

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि एनएफएसयू का स्थायी परिसर तीन वर्षों में पूर्ण रूप से विकसित होगा, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए फॉरेंसिक क्षेत्र में करियर की असीम संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मोदी सरकार के तहत एनएफएसयू से स्नातक करना रोजगार की गारंटी बनेगा। साथ ही देशभर में लागू हुए नए तीन आपराधिक कानूनों के संदर्भ में श्री शाह ने कहा कि इनका उद्देश्य है – तीन वर्षों के भीतर न्याय सुनिश्चित करना, और विज्ञान आधारित साक्ष्यों पर आधारित आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली की स्थापना करना। उन्होंने बताया कि अब 7 वर्ष से अधिक की सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य कर दी गई है। सभी पुलिस थानों को सीसीटीएनएस से जोड़ दिया गया है, जिससे राज्य सरकारें जांच और निगरानी की प्रक्रिया में तकनीकी रूप से दक्ष हो सकेंगी। यह बदलाव न केवल न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सजा सुनिश्चित करने वाले देशों की अग्रिम पंक्ति में ले आएगा।

 

केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने यह भी बताया कि देशभर में एनएफएसयू के 16 परिसरों की स्थापना हो चुकी है और 10 अन्य प्रस्तावित हैं। भारत को आत्मनिर्भर बनाने में फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। एक हालिया सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 तक फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी का वैश्विक बाजार 55 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा और उसमें भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ेगी।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि आज एक साथ तीन महत्वपूर्ण संस्थानों की नींव रखी गई है जो प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएफएसयू विश्व का पहला और एकमात्र विश्वविद्यालय है जो फॉरेंसिक साइंस, साइबर सुरक्षा, व्यवहार विज्ञान जैसे विषयों के अध्ययन के लिए पूर्णतः समर्पित है। इसका रायपुर परिसर नवा रायपुर को एक उभरते हुए राष्ट्रीय शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। यह संस्थान न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए कानून व्यवस्था, न्यायिक प्रक्रिया और फॉरेंसिक अनुसंधान का सशक्त आधार बनेगा।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बंजारी, नवा रायपुर में विश्वविद्यालय के लिए 40 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है और ट्रांजिट कैंपस को समय पर तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस कैंपस में फॉरेंसिक साइंस, डिजिटल फॉरेंसिक, साइकोलॉजी सहित विभिन्न विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर और अल्पकालिक पाठ्यक्रम संचालित होंगे। साइबर क्राइम, सड़क दुर्घटना विश्लेषण, मादक पदार्थों की जांच जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण से राज्य की कानून व्यवस्था को बल मिलेगा।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में लगभग एक सदी बाद तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं। एनएफएसयू जैसे संस्थान इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु पुलिस बल एवं जांच एजेंसियों को आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध करा रही है, जिसकी सतत निगरानी भी की जा रही है।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आई-हब छत्तीसगढ़ के शुभारंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान राज्य के युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार की दुनिया से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। इसमें को-वर्किंग स्पेस की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो नवाचार को प्रोत्साहित करेंगी।

 

      उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एनएफएसयू का रायपुर परिसर न केवल प्रशिक्षण बल्कि फॉरेंसिक अनुसंधान और इन्वेस्टिगेशन में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यह संस्थान न केवल पढ़ाई, शोध, प्रशिक्षण और परामर्श का केंद्र बनेगा बल्कि भारत में ही फॉरेंसिक साइंस से जुड़े उपकरणों के नवाचार और निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। यह सपना माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में साकार हो रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने एनएफएसयू के लिए जमीन आवंटित की है और निर्माण कार्य भी शीघ्र आरंभ होने वाला है। उन्होंने कहा कि इस परिसर में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, और यह फॉरेंसिक साइंस, डिजिटल फॉरेंसिक, साइकोलॉजी एवं विभिन्न शॉर्ट टर्म कोर्सेस में युवाओं को दक्ष बनाएगा।

 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिका सुरक्षा संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन में फॉरेंसिक प्रणाली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जहाँ एनएफएसयू की स्थापना की जा रही है, जबकि उड़ीसा, बिहार, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अभी इसकी शुरुआत नहीं हुई है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 33 जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट स्थापित करने के लिए राज्य सरकार को केंद्र से 24 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। हर जिले में मोबाइल वाहन, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित टीम होगी ताकि मौके पर ही घटनाओं की सटीक जांच संभव हो सके।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं श्री अरुण साव, केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन, निदेशक आसूचना ब्यूरो श्री तपन कुमार डेका, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, परिसर निदेशक एनएफएसयू गांधीनगर के प्रोफेसर डॉ एसओ जुनारे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।



एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

62408082026094418hareli_300x250.jpeg

Related News

Advertisement

RO. NO 13997/30
65617072026192135mahtari_vandan.jpeg
62408082026094418hareli_300x250.jpeg
679160820261325471009259529.jpg

Advertisement

Popular Post

This Week
This Month
All Time

Advertisement

Advertisement

RO. NO 13997/30
65617072026192135mahtari_vandan.jpeg
679160820261325471009259529.jpg

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.