सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर घर जल’ संकल्प से भुलिया बाई के घर पहुंचा स्वच्छ पेयजल
दूर बिल्लमगढ़ तक पानी लाने की मजबूरी हुई खत्म, जल जीवन मिशन ने आसान किया ग्रामीण परिवार का जीवन
रायपुर, गौरेला विकासखंड के वनांचल ग्राम करंगरा की रहने वाली भुलिया बाई के जीवन में जल जीवन मिशन के माध्यम से आया बदलाव ग्रामीण क्षेत्रों में ‘हर घर जल’ के संकल्प की सार्थकता को सामने लाता है।
कुछ समय पहले तक भुलिया बाई के परिवार के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करना रोजमर्रा की बड़ी चुनौती थी। पानी लेने के लिए उन्हें गांव से दूर बिल्लमगढ़ तक उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर जाना पड़ता था। पानी लाने में समय और मेहनत दोनों लगते थे। घरेलू जिम्मेदारियों के साथ दूर से पानी लाने की जिम्मेदारी विशेष रूप से उनके लिए परेशानी और शारीरिक थकान का कारण बनती थी।
जल जीवन मिशन के तहत घर में नल कनेक्शन स्थापित होने के बाद भुलिया बाई के परिवार की दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें पानी के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। घर की देहरी पर नल खुलते ही पेयजल उपलब्ध हो जाता है। इससे परिवार के समय और श्रम की बचत हो रही है तथा दैनिक जीवन पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हुआ है।
भुलिया बाई कहती हैं कि पहले पानी के लिए दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब घर में ही नल से पानी मिल जाता है। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर घर जल’ के संकल्प से जुड़ी पहल है जल जीवन मिशन
जल जीवन मिशन की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को की थी। मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नियमित और दीर्घकालिक आधार पर पर्याप्त मात्रा में निर्धारित गुणवत्ता का पेयजल घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से उपलब्ध कराना है। यह योजना केन्द्र और राज्य सरकारों की साझेदारी में संचालित होती है, जिसमें केन्द्र सरकार राज्यों को तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जल जीवन मिशन को ग्रामीण परिवारों के जीवन को आसान बनाने और विशेष रूप से महिलाओं को दूर से पानी लाने की मेहनत से राहत दिलाने से जोड़ा है। केन्द्र सरकार के अनुसार मिशन के आरंभ के समय अगस्त 2019 में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 3.23 करोड़ परिवारों के पास नल कनेक्शन था। 28 जनवरी 2026 तक यह संख्या बढ़कर 15.79 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुंच गई थी।
महिलाओं के समय और श्रम की बचत से बढ़ी जीवन की सुविधा
भुलिया बाई की कहानी बताती है कि घर तक नल से पानी पहुंचने का असर केवल पानी की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। दूर से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बचने से परिवार के दैनिक कार्यों के लिए अधिक समय उपलब्ध हो रहा है। स्वच्छ पेयजल की सहज उपलब्धता से परिवार के जीवन में सुविधा और सम्मान की भावना भी बढ़ी है।
जल जीवन मिशन के तहत देशभर में ग्रामीण परिवारों तक नल से पेयजल पहुंचाने का प्रयास ग्रामीण जीवन में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जल जीवन मिशन के तहत देश में 15.91 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की आपूर्ति पहुंच चुकी है।
*सेवा संकल्प अभियान में सामने आई बदलाव की कहानी*
सेवा संकल्प अभियान के दौरान सामने आई भुलिया बाई की कहानी इस बात का उदाहरण है कि जब जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचता है, तो उसका सीधा असर उनके दैनिक जीवन पर दिखाई देता है। कभी पानी के लिए दूर तक जाना पड़ता था, वहीं अब घर की देहरी पर नल से पानी उपलब्ध हो रहा है।
भुलिया बाई के लिए घर में नल से पानी पहुंचना केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कठिनाई से मिली राहत और जीवन को अधिक सहज बनाने वाला बदलाव है। ‘हर घर जल’ के संकल्प के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंच रही इस सुविधा से ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं के समय और श्रम की बचत हो रही है।
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