साइबर ठगी एवं ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय नेटवर्क पर दुर्ग पुलिस का बड़ा प्रहार
*साइबर ठगी एवं ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय नेटवर्क पर दुर्ग पुलिस की लगातार कार्रवाई, 3,162 म्यूल खातों की पहचान, 63 FIR में 257 गिरफ्तारियां, 1,494 खातों पर कार्रवाई जारी*
▪️ *विभिन्न साइबर ठगी एवं ऑनलाइन सट्टा प्रकरणों से संबंधित कुल ▪️ विभिन्न साइबर ठगी एवं ऑनलाइन सट्टा प्रकरणों से संबंधित कुल ₹2,75,50,091/- की डिस्प्यूट राशि पर होल्ड (Freeze) लगाकर धनराशि के आगे हस्तांतरण एवं निकासी को रोकने की कार्रवाई की गई है। पर लगाकर धनराशि के आगे हस्तांतरण एवं निकासी को रोकने की कार्रवाई की जा रही है।*
▪️ *दुर्ग जिले में साइबर ठगी एवं ऑनलाइन सट्टे से जुड़े कुल 3,162 म्यूल बैंक खातों की पहचान कर प्रकरणवार जांच एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।*
▪️ *कुल 63 FIR में 1,668 म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है, जिसमें अब तक कुल 257 आरोपियों की गिरफ्तारी दर्ज की गई है।*
▪️ *578 म्यूल बैंक खातों के संबंध में सत्यापन/इस्तगासा की कार्रवाई की गई है तथा संबंधित खातों एवं खाताधारकों की जानकारी का परीक्षण किया गया है।*
▪️ *कुल 916 म्यूल बैंक खाते वर्तमान में लंबित हैं, जिनके संबंध में तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण कर आगामी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।*
मुख्य बिंदु
दुर्ग पुलिस द्वारा साइबर ठगी एवं ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय नेटवर्क में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों की पहचान कर कुल 3,162 खातों पर कार्रवाई की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। अब तक 63 FIR में 1,668 खातों के विरुद्ध कार्रवाई, 578 खातों में सत्यापन/इस्तगासा तथा 257 गिरफ्तारियां दर्ज की गई हैं।
संक्षिप्त विवरण
साइबर ठगी एवं ऑनलाइन सट्टे से संबंधित मामलों में अपराधियों द्वारा अवैध धनराशि के लेन-देन एवं हस्तांतरण के लिए म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया जाता है। दुर्ग पुलिस द्वारा ऐसे बैंक खातों की पहचान के लिए प्राप्त शिकायतों, बैंकिंग लेन-देन, केवाईसी दस्तावेज, यूपीआई ट्रांजेक्शन एवं उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है।
तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण के आधार पर अब तक कुल 3,162 म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई है। इनमें से 1,668 खातों के संबंध में 63 FIR में वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है। इन प्रकरणों में अब तक कुल 257 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
इसके अतिरिक्त 578 बैंक खातों के संबंध में सत्यापन/इस्तगासा की कार्रवाई की गई है। इन खातों से संबंधित खाताधारकों एवं उपलब्ध बैंकिंग जानकारी का परीक्षण किया जा रहा है।
वर्तमान में 916 म्यूल बैंक खाते लंबित हैं। इन खातों से संबंधित बैंकिंग लेन-देन, केवाईसी, मोबाइल नंबर, यूपीआई एवं अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण कर खाताधारकों एवं संभावित रूप से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर नियमानुसार आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग पुलिस द्वारा म्यूल खातों की पहचान से लेकर बैंकिंग ट्रांजेक्शन के विश्लेषण, धनराशि के प्रवाह की जांच एवं संबंधित व्यक्तियों की पहचान तक कार्रवाई को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।
*मॉडस ऑपरेंडी* (अपराध करने का तरीका)
साइबर अपराधियों एवं ऑनलाइन सट्टे से जुड़े व्यक्तियों द्वारा कमीशन, आसान कमाई अथवा अन्य आर्थिक प्रलोभन देकर लोगों के बैंक खाते प्राप्त किए जाते हैं। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी एवं अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त धनराशि को जमा करने तथा विभिन्न बैंक खातों एवं डिजिटल माध्यमों में स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।
कुछ मामलों में खाताधारकों द्वारा अपने बैंक खाते की सुविधा अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जाती है, जबकि कुछ मामलों में बैंकिंग लेन-देन का संचालन अन्य व्यक्तियों द्वारा किया जाता है। दुर्ग पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में बैंकिंग रिकॉर्ड, केवाईसी दस्तावेज, यूपीआई ट्रांजेक्शन एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर धनराशि के प्रवाह और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का परीक्षण किया जा रहा है।
घटना स्थल
यह समेकित कार्रवाई दुर्ग जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों मे ।
*आरोपी की संख्या*
विभिन्न प्रकरणों में अब तक कुल 257 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
जप्त सामग्री
प्रकरणवार कार्रवाई के दौरान बैंक खातों से संबंधित अभिलेख, एटीएम कार्ड, चेकबुक/पासबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, केवाईसी दस्तावेज एवं अन्य उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल साक्ष्य नियमानुसार जप्त किए गए हैं।
*समग्र उपलब्धि*
* कुल म्यूल बैंक खाते : 3,162
* कुल FIR : 63
63 FIR में कार्रवाई के दायरे में खाते : 1,668
कुल गिरफ्तारियां : 257
* विभिन्न साइबर ठगी प्रकरणों से संबंधित कुल ₹2,75,50,091/- की डिस्प्यूट राशि
* सत्यापन/इस्तगासा : 578 खाते
* लंबित : 916 खाते
सराहनीय कार्य
उक्त कार्रवाई में जिले के संबंधित थाना प्रभारियों, साइबर सेल, तकनीकी विश्लेषण टीम, विवेचना अधिकारियों एवं थाना स्टाफ द्वारा बैंकिंग ट्रांजेक्शन का विश्लेषण, म्यूल खातों की पहचान, डिजिटल साक्ष्य संकलन, खाताधारकों का सत्यापन, प्रकरण पंजीबद्ध करने एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि कमीशन अथवा आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। अपना एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम, ओटीपी, यूपीआई अथवा इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें।
किसी व्यक्ति द्वारा बैंक खाता उपलब्ध कराने अथवा कमीशन के बदले बैंकिंग लेन-देन करने का प्रस्ताव दिए जाने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल अथवा निकटतम पुलिस थाना को सूचना दें।
दुर्ग पुलिस द्वारा साइबर ठगी एवं ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय नेटवर्क में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों की पहचान, सत्यापन एवं वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी है।
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