Jwala

Express News

छत्तीसगढ

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दूसरे दिन 2 नवंबर को बिखरेंगे कला, संस्कृति और संगीत के रंग, राज्यपाल रमेन डेका होंगे मुख्य अतिथि

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दूसरे दिन 2 नवंबर को बिखरेंगे कला, संस्कृति और संगीत के रंग, राज्यपाल रमेन डेका होंगे मुख्य अतिथि

387011120261735271011013207.jpg

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में होगा भव्य सांस्कृतिक समारोह, ‘मैं अयोध्या हूं’ नाट्य मंचन और प्रसिद्ध गायिका स्वास्ति मेहुल की प्रस्तुति होगी विशेष आकर्षण

शिल्पग्राम में 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगी शाम, पंडवानी, सुआ, ओडिसी, कथक, लोकसंगीत और सूफी गायन की दिखेगी अनुपम छटा

छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच, प्रदेश के विभिन्न अंचलों के कलाकार बिखेरेंगे अपनी प्रतिभा का जादू

रायपुर/ छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के दूसरे दिन 2 नवंबर को नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव मैदान में कला, संस्कृति, संगीत और लोकपरंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। तीन दिवसीय राज्योत्सव के अंतर्गत सोमवार को आयोजित विशेष सांस्कृतिक समारोह में छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के साथ भारतीय कला और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दर्शकों को आकर्षित करेंगी। राज्योत्सव के मुख्य मंच पर जहां भव्य नाट्य मंचन और प्रसिद्ध कलाकारों की संगीतमय प्रस्तुतियां होंगी, वहीं शिल्पग्राम में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए कलाकार अपनी लोककलाओं और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

राज्योत्सव के दूसरे दिन आयोजित विशेष समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे। इस अवसर पर विधायक श्री राजेश मूणत, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा और श्री इंद्र कुमार साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह में जनप्रतिनिधियों, कला एवं संस्कृति से जुड़े गणमान्य नागरिकों, कलाकारों तथा बड़ी संख्या में प्रदेशवासियों की सहभागिता अपेक्षित है।

*‘मैं अयोध्या हूं’ नाट्य मंचन से जीवंत होगी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत*

राज्योत्सव के दूसरे दिन मुख्य मंच पर शाम 6 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। शाम 6 से 7 बजे तक विशेष नाट्य प्रस्तुति ‘मैं अयोध्या हूं’ का मंचन किया जाएगा। इस नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से अयोध्या की ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। भारतीय संस्कृति, आस्था, परंपरा और गौरवशाली इतिहास की झलक प्रस्तुत करने वाला यह नाट्य मंचन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

यह प्रस्तुति भारतीय सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों को अभिव्यक्त करने के साथ ही दर्शकों को देश की समृद्ध परंपराओं से परिचित कराएगी। नाट्य कला के माध्यम से इतिहास, आस्था और संस्कृति का यह संगम राज्योत्सव के सांस्कृतिक आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान करेगा।

*सुनील सोनी के गीतों और स्वास्ति मेहुल की सुरीली आवाज से गूंजेगा राज्योत्सव का मंच*

राज्योत्सव के दूसरे दिन संगीत प्रेमियों के लिए भी विशेष आकर्षण रहेगा। शाम 7 से 8 बजे तक छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक श्री सुनील सोनी अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगे। उनकी प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ी संगीत की मधुरता और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का रंग राज्योत्सव के मंच पर बिखरेगा।

इसके बाद रात 8 बजे से प्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुश्री स्वास्ति मेहुल अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगी। उनके गीतों से राज्योत्सव की शाम सुरमयी होगी। लोकसंस्कृति, नाट्य कला और आधुनिक संगीत का यह संगम दर्शकों को विविध सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेगा।

*शिल्पग्राम में 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लोककला और शास्त्रीय नृत्यों का होगा अनूठा संगम*

राज्योत्सव के मुख्य मंच के साथ ही शिल्पग्राम में भी 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और भारतीय शास्त्रीय कलाओं की अनुपम छटा देखने को मिलेगी। शिल्पग्राम मंच पर दोपहर 3 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। दूसरे दिन कुल 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें लोकसंगीत, पंडवानी, सुआ नृत्य, ओडिसी, कथक, सूफी संगीत, गजल और लोकमंच जैसी विविध कलाओं को स्थान दिया गया है।

कार्यक्रम में श्रीमती प्रसन्ना अवस्थी लोकसंगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति देंगी। सुश्री सुष्मिता दास ओडिसी नृत्य के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा की सुंदर अभिव्यक्ति प्रस्तुत करेंगी। दुर्ग की सुश्री समप्रिया पूजा निषाद छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायन परंपरा को मंच पर जीवंत करेंगी।

बिलासपुर के श्री अंकित निर्मलकर सूफी, गजल एवं सुगम गायन की प्रस्तुति देंगे। गरियाबंद की सुश्री मिलवंतीन बाई पारंपरिक सुआ नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की मनमोहक झलक प्रस्तुत करेंगी। रायपुर की सुश्री मेघा बोस ताम्रकार पारंपरिक लोकसंगीत से दर्शकों को परिचित कराएंगी।

इसी क्रम में सुश्री आंचल पाण्डेय कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगी। धमतरी की सुश्री रुखमनी दीवान लोकमंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ी लोकजीवन और परंपराओं को अभिव्यक्त करेंगी। श्री आदित्य मिश्रा बैंड की संगीतमय प्रस्तुति देंगे। श्रीमती विनीता त्रिपाठी कथक नृत्य और श्री तेजराम साहू लोकमंच की प्रस्तुति से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को विशेष आकर्षण प्रदान करेंगे।

*पंडवानी और सुआ नृत्य में दिखेगी छत्तीसगढ़ की लोकआस्था और परंपराओं की झलक*

शिल्पग्राम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं को विशेष महत्व दिया गया है। पंडवानी छत्तीसगढ़ की विश्वप्रसिद्ध लोकगाथा गायन परंपरा है, जिसके माध्यम से महाभारत की कथाओं को गायन और अभिनय की विशिष्ट शैली में प्रस्तुत किया जाता है। वहीं सुआ नृत्य छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, सामूहिक जीवन और पारंपरिक उत्सवों का महत्वपूर्ण अंग है।

इन प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, लोकआस्था और सामाजिक परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। साथ ही ओडिसी और कथक जैसे शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुतियां भारतीय कला परंपराओं की समृद्धि को प्रदर्शित करेंगी। सूफी संगीत, गजल और सुगम गायन की प्रस्तुतियां आयोजन में संगीत के विविध रंग जोड़ेंगी।

*स्थानीय कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच, नई पीढ़ी तक पहुंचेगी सांस्कृतिक विरासत*

राज्योत्सव के दूसरे दिन आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेंगे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले कलाकारों को राज्यस्तरीय आयोजन में अपनी कला प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा। इससे पारंपरिक लोककलाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहन मिलेगा।

छत्तीसगढ़ की लोककलाएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि प्रदेश के इतिहास, सामाजिक जीवन, जनजातीय परंपराओं, लोकआस्था और सांस्कृतिक पहचान की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। राज्योत्सव जैसे आयोजन इन परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने और कलाकारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

*छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा राज्योत्सव*

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और लोकपरंपराएं प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। राज्योत्सव इन गौरवशाली परंपराओं को व्यापक पहचान दिलाने और स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं की अनूठी विरासत विद्यमान है, जिसका संरक्षण और संवर्धन हमारी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराओं और लोककलाओं को व्यापक मंच प्रदान किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से जहां कलाकारों का उत्साहवर्धन होता है, वहीं नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।

राज्योत्सव के दूसरे दिन 2 नवंबर को नवा रायपुर का राज्योत्सव मैदान भारतीय सांस्कृतिक विरासत, छत्तीसगढ़ी लोककलाओं, शास्त्रीय नृत्य और आधुनिक संगीत के अद्भुत संगम का साक्षी बनेगा। ‘मैं अयोध्या हूं’ के विशेष नाट्य मंचन, श्री सुनील सोनी और सुश्री स्वास्ति मेहुल की संगीतमय प्रस्तुतियों के साथ शिल्पग्राम में आयोजित 11 सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों को कला और संस्कृति की विविध अनुभूतियों से सराबोर करेंगे। यह आयोजन प्रदेशवासियों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।



एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

553251020261222291010838759.png
215251020261218411010837320.png
336231020261223311010791831.png

Related News

Advertisement

Advertisement

Popular Post

This Week
This Month
All Time

Advertisement

Advertisement

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.