Jwala

Express News

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई पहचान, अब छोटे व्यवसाय बनेंगे सफल उद्यम

अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई पहचान, अब छोटे व्यवसाय बनेंगे सफल उद्यम

816231020261352191010795675.jpg

*छत्तीसगढ़ सरकार और आईआईएम रायपुर की संयुक्त पहल से महिला उद्यमियों को मिलेगा प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने का अवसर*

*पूरे राज्य से एक हजार से अधिक आवेदन प्राप्त, 31 अक्टूबर तक आवेदन का अवसर*

रायपुर, / छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से आगे बढ़ाकर सफल उद्यमी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अभिनव पहल की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ और भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर के फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एफईडी) की संयुक्त पहल ‘अथ उद्यम’ ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के छोटे व्यवसायों को व्यवस्थित, लाभकारी और विस्तार योग्य उद्यमों के रूप में विकसित करना है।

      ‘आजीविका से उद्यमिता की ओर’ की अवधारणा पर आधारित इस विशेष इन्क्यूबेशन कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 11 सितंबर 2026 को की थी। पहल को लेकर महिला उद्यमियों में उत्साह देखा जा रहा है। अब तक पूरे राज्य से एक हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इच्छुक महिलाएं 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

*प्रशिक्षण के साथ सालभर मिलेगा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन*

      ‘अथ उद्यम’ की विशेषता यह है कि इसमें महिलाओं को केवल व्यवसाय शुरू करने या संचालित करने का प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि उनके मौजूदा उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए व्यावहारिक सहायता भी दी जाएगी। चयनित महिला उद्यमियों को 64 घंटे का चरणबद्ध व्यवसाय विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही एक वर्ष तक विशेषज्ञों का परामर्श, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग और सफल उद्यमियों के अनुभवों से सीखने के अवसर उपलब्ध होंगे।

      प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को अपने उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने, लागत एवं लाभ की गणना करने, बिक्री और व्यय का रिकॉर्ड रखने, उत्पादन एवं वितरण की बेहतर योजना बनाने तथा ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार व्यवसाय विकसित करने के तरीके सिखाए जाएंगे। बाजार की मांग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वित्तीय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से बाजार एवं ब्रांड से जुड़ाव के साथ ऋण तथा वित्तीय संस्थानों तक पहुंच बनाने में भी सहयोग किया जाएगा।

*गांवों के छोटे व्यवसायों को मिलेगा बड़ा बाजार*

      इस पहल से खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई एवं वस्त्र निर्माण, हस्तशिल्प, हथकरघा, वनोपज मूल्य संवर्धन, स्थानीय उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विभिन्न सेवा आधारित गैर-कृषि व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों की बेहतर पहचान स्थापित कर सकेंगी तथा स्थानीय बाजारों से आगे नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने के लिए आवश्यक व्यावसायिक कौशल विकसित कर सकेंगी।

      विशेष रूप से उन महिलाओं को अवसर मिलेगा, जो पहले से कोई गैर-कृषि उद्यम संचालित कर रही हैं और अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं। स्वयं सहायता समूहों की सदस्य अथवा उनसे जुड़े परिवारों की महिला उद्यमी कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकती हैं। केवल सामान की सामान्य खरीद-बिक्री अर्थात ट्रेडिंग करने वाले व्यवसाय इस कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं हैं।

*252 सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों को दिया गया प्रशिक्षण*

      कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक ग्रामीण महिला उद्यमियों तक पहुंचाने के लिए आईआईएम रायपुर द्वारा 252 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है। ये सदस्य अपने क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कार्यक्रम की जानकारी देने और आवेदन के लिए प्रेरित करने में सहयोग कर रहे हैं।

      इसके अतिरिक्त आईआईएम रायपुर के प्रबंधन विकास केंद्र में जिला एवं विकासखंड स्तर के परियोजना प्रबंधकों का प्रशिक्षण भी सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। इससे ग्रामीण स्तर पर कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार, पात्र महिला उद्यमियों की पहचान और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग को गति मिल रही है।

*आवेदन की सुविधा उपलब्ध*

      कार्यक्रम के प्रारम्भ में 250 महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण के लिए पात्रता एवं आवेदन मूल्यांकन के आधार पर चयन किया जाएगा। इच्छुक महिलाएं आधिकारिक पोर्टल atha.iimraipur.edu.in पर आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर लेवल फेडरेशन, क्षेत्रीय सीआरपी दीदी अथवा विकासखंड स्तरीय बिहान कार्यालय के माध्यम से भी आवेदन संबंधी जानकारी और सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।

      ‘अथ उद्यम’ ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से आगे बढ़ाकर सक्षम व्यवसाय संचालक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे महिलाओं की प्रबंधकीय क्षमता, आर्थिक आत्मनिर्भरता और बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की योग्यता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों के विकास और आजीविका के नए अवसर सृजित होने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।



एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

336231020261223311010791831.png

Related News

Advertisement

ताज़ा समाचार

Popular Post

This Week
This Month
All Time

Advertisement

Advertisement

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.