Jwala

Express News

देश विदेश

चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, नोट करें पूजा विधि, भोग और मंत्र

चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, नोट करें पूजा विधि, भोग और मंत्र

89101042025050751maa_chandraghanta_katha_mantra_aarti_bhog_puja.webp

 चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना करने का विधान है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, माता चंद्रघंटा का स्वरुप शांत, सौम्य और ममता से भरा हुआ है। मां के इस स्वरुप की आराधना करने से साधकों के जीवन से सभी कष्ट दूर होते है। साथ ही घर-परिवार में सुख-समृद्धि का संचार होता है। माता चंद्रघंटा की पूजा से साधक के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। 

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की द्वितीया और तृतीया तिथि का व्रत एक ही दिन पड़ रहा है। द्वितीया तिथि का समय निकल चुका है और तृतीया तिथि 31 मार्च सुबह 09:11 से 1 अप्रैल सुबह 05:42 तक रहने वाली है। चलिए जानते है मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, भोग और मंत्र के बारे में- 

मां चंद्रघंटा पूजा विधि
(Maa Chandraghanta Puja Vidhi)

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें। स्वच्छ कपड़े पहनकर पूजा में बैठे और माता को लाल और पीले वस्त्र अर्पित करें। अब माता को कुमकुम और अक्षत चढ़ाएं। साथ ही पूजा में पीले रंग के फूल भी अर्पित करें, जो माता चंद्रघंटा को विशेष प्रिय है। मां के प्रिय पीले रंग की मिठाई भोग में अर्पित करें। इसमें आप केसर युक्त चावल की खीर अर्पित कर सकते है। इसके पश्चात मां चंद्रघंटा के मंत्रों का जाप करें और दुर्गा सप्तशती का भी पाठ करें और फिर आरती करें। 

मां चंद्रघंटा का प्रिय भोग
(Maa Chandraghanta Priy Bhog)

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा को केसर युक्त चावल की खीर का भोग लगाना शुभ रहता है। इसके अलावा आप केसर युक राबड़ी का भोग भी लगा सकते है। खीर में लौंग, इलायची, पंचमेवा डालना भी बेहतर होगा। यही नहीं, आप भोग में मिश्री और पेड़ा भी ले सकते है। 

मां चंद्रघण्‍टा का पूजा मंत्र
(Maa Chandraghanta Puja Mantra)

पिण्डज  प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता ।  प्रसादं तनुते महयं चन्द्रघण्टेति  विश्रुता ॥
वन्दे वांछित  लाभाय  चन्द्रार्धकृत शेखरम् । सिंहारूढा चंद्रघंटा  यशस्वनीम् ॥
मणिपुर  स्थितां तृतीय दुर्गा  त्रिनेत्राम् । रंग, गदा,  त्रिशूल,चापचर,  पदम् कमण्डलु माला वराभीतकराम् ॥



एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

62408082026094418hareli_300x250.jpeg

Related News

Advertisement

RO. NO 13997/30
65617072026192135mahtari_vandan.jpeg
62408082026094418hareli_300x250.jpeg
679160820261325471009259529.jpg

Advertisement

Popular Post

This Week
This Month
All Time

Advertisement

Advertisement

RO. NO 13997/30
65617072026192135mahtari_vandan.jpeg
679160820261325471009259529.jpg

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.