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ISRO ने रचा इतिहास: LVM3-M5 रॉकेट से सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 लॉन्च, स्वदेशी शक्ति का प्रदर्शन; PM मोदी ने दी बधाई

ISRO ने रचा इतिहास: LVM3-M5 रॉकेट से सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 लॉन्च, स्वदेशी शक्ति का प्रदर्शन; PM मोदी ने दी बधाई

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श्रीहरिकोटा: भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रविवार शाम, 2 नवंबर को अपने हेवी लिफ्ट रॉकेट LVM3-M5 के जरिए देश के अब तक के सबसे भारी संचार उपग्रह सीएमएस-03 (CMS-03) को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा। यह प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शाम 5:26 बजे हुआ।

43.5 मीटर ऊंचा यह रॉकेट जब आसमान की ओर उड़ा, तो उसकी पूंछ से निकलती नारंगी लौ ने वहां मौजूद वैज्ञानिकों और दर्शकों के चेहरों पर उत्साह और गर्व भर दिया। यह मिशन भारत की स्वदेशी अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षमता (Indigenous Launch Capability) का शानदार उदाहरण है।

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इसरो के मुताबिक, सीएमएस-03 उपग्रह उड़ान के लगभग 17 मिनट बाद भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा (GTO) में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया। यह उपग्रह भारत के व्यापक भूभाग के साथ-साथ हिंद महासागर और आसपास के समुद्री इलाकों में हाई-स्पीड संचार सेवाएं, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और सैटेलाइट नेटवर्क सपोर्ट प्रदान करेगा।

यह मिशन कई मायनों में ऐतिहासिक है। अब तक इसरो को भारी उपग्रहों के लिए फ्रेंच गुयाना के कौरू लॉन्च स्टेशन पर निर्भर रहना पड़ता था। उदाहरण के तौर पर, दिसंबर 2018 में इसरो ने 5,854 किलोग्राम वजनी जीसैट-11 को वहीं से लॉन्च किया था। लेकिन अब CMS-03 का स्वदेशी लॉन्च यह साबित करता है कि भारत अपनी तकनीकी और प्रक्षेपण क्षमता में आत्मनिर्भर हो चुका है।

इसरो प्रमुख ने इस सफलता को “आत्मनिर्भर भारत के अंतरिक्ष मिशन की दिशा में एक और बड़ा कदम” बताया। लॉन्च के बाद उपग्रह की कक्षा स्थिर करने और संचालन शुरू करने की प्रक्रिया जारी है।

यह उपलब्धि न केवल भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की विश्वसनीयता को मजबूत करती है, बल्कि निजी अंतरिक्ष भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय संचार सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर भी खोलती है।

मोदी ने इसरो को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा पोस्ट में लिखा कि हमारा अंतरिक्ष क्षेत्र हमें लगातार गौरवान्वित कर रहा है।

भारत के सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो को बधाई। हमारे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की मेहनत से यह क्षेत्र उत्कृष्टता और नवाचार का प्रतीक बन चुका है, जो बेहद प्रशंसनीय है। इन सफलताओं ने राष्ट्रीय प्रगति को नई गति दी है और लाखों लोगों को सशक्त बनाया है।



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