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वायरल वीडियो के बाद इंदौर MY हॉस्पिटल में बड़ा एक्शन: लापरवाही के चलते दो की सेवाएं समाप्त, डॉक्टरों पर गिरी गाज

इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल में वायरल वीडियो के बाद बड़ा एक्शन लिया गया है। लापरवाही पर दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि डॉक्टरों और स्टाफ पर वेतन कटौती सहित कड़ी कार्रवाई की गई है।

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इंदौर। एमवाय हॉस्पिटल के वायरल वीडियो पर बड़ा एक्शन लिया गया है। वीडियो में भीषण गर्मी में एक बीमार बच्चे को उसके माता-पिता स्ट्रेचर पर खुद धकेलते हुए लेकर जाते हुए दिखाई दिए थे। मामले के तूल पकड़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सख्त कार्रवाई की है। कुछ कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई जबकि डॉक्टर और स्टाफ पर वेतन कटौती सहित अन्य दंडात्मक कदम उठाए गए है।

जानकारी के अनुसार, लापरवाही बरतने को लेकर डीन अरविंद घनघोरिया ने सिक्योरिटी इंचार्ज और हेल्प डेस्क इंचार्ज की सेवाएं समाप्त कर दी है। इसके अलावा जिम्मेदारी तय करते हुए डॉक्टर अनुराग श्रीवास्तव का सात दिन का वेतन कटौती का आदेश दिया गया है। लापरवाही बरतने को लेकर 3 नर्सों का एक - एक दिन का वेतन भी काटा गया है।  

मामले पर संज्ञान लेते हुए सुपरिटेंडेंट डॉक्टर अशोक यादव और न्यूरोसर्जन डॉक्टर परेश सोंधिया को भी नोटिस भेजा गया है। प्रबंधन की ओर से शासन को पत्र लिखकर कहा गया है कि, दोनों डॉक्टर अपनी जिम्मेदारियां ठीक तरीके से नहीं निभा रहे।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
6 जून को अस्पताल से जुड़ा वीडियो सामने आया था। इसमें भीषण गर्मी में माता-पिता अपने बच्चे को स्ट्रेचर से ले जाते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए थे।

बच्चे को है दुर्लभ बीमारी

यह जानकारी भी सामने आई थी कि, बच्चे को कोई सामान्य बीमारी नहीं थी। उसे एक दुर्लभ बीमारी और गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है। बच्चे की पहचान 11 वर्षीय आदर्श मलक के रूप में हुई। उसका बीते कई दिनों से एमवाय अस्पताल में इलाज चल रहा था।

चलने-फिरने में असमर्थ है बच्चा
आदर्श मलक चलने-फिरने में भी असमर्थ है। उसे चेस्ट वार्ड में एडमिट किया गया है। रीढ़ संबंधी समस्या होने के बाद बच्चे को सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में भेजने के लिए कहा गया था। एम्बुलेंस आने में देरी हुई तो माता-पिता मजबूरी में बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल की ओर निकल पड़े। करीब एक किलोमीटर सफर तय करके दोनों बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। कुछ कागजी कार्रवाई के बाद दोनों को दोबारा एमवाय अस्पताल लौटने के लिए कहा गया। इसके बाद दोनों माता-पिता दोबारा स्ट्रेचर पर बच्चे को लेकर अस्पताल लौटे थे।


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