Jwala

Express News

जरा हट के

'डॉग बाइट्स की अनदेखी नहीं कर सकते': सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, स्कूल-अस्पताल जैसे पब्लिक प्लेस से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पुराने आदेश को बदलने से इनकार करते हुए डॉग लवर्स की याचिकाएं खारिज कर दी हैं।

25719052026111955stray_dogs_1779169743.webp

नई दिल्ली: देश में आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के बढ़ते आतंक और डॉग बाइट के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने सार्वजनिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देशों को वापस लेने की मांग करने वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने साफ कहा कि वह डॉग बाइट्स (कुत्तों के काटने) की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकती।

डॉग लवर्स की याचिकाएं खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने डॉग लवर्स (कुत्ता प्रेमियों) की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश में बदलाव की मांग की गई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड के एसओपी (SOPs) को चुनौती देने वाले सभी आवेदनों को भी खारिज कर दिया।

सार्वजनिक जगहों पर दोबारा नहीं छोड़े जा सकेंगे आवारा कुत्ते
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश पूरी तरह प्रभावी रहेगा। अदालत ने अपने पिछले साल के 25 नवंबर के आदेश में संशोधन करने से साफ इनकार कर दिया है, जिसमें स्कूल, अस्पताल और रेलवे स्टेशनों जैसे संस्थागत क्षेत्रों से सभी आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश दिया गया था। साथ ही, इन कुत्तों को हटाकर दोबारा उन्हीं क्षेत्रों में न छोड़ने का निर्देश भी लागू रहेगा।

एनिमल बर्थ कंट्रोल फ्रेमवर्क पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने देश में चल रहे 'एनिमल बर्थ कंट्रोल' (Animal Birth Control) कार्यक्रम को लेकर भी चिंता जताई। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इस फ्रेमवर्क का क्रियान्वयन काफी हद तक बिखरा हुआ, कम बजट वाला और असमान है, जिसके कारण जमीनी स्तर पर सही नतीजे नहीं मिल पा रहे हैं।

राज्यों को दी नसीहत: अगर नियमों का पालन होता तो ऐसे हालात न बनते
सर्वोच्च अदालत ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि देश के सभी राज्यों ने समय रहते 'एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स' (नियमों) का ठीक से पालन किया होता, तो आज समाज में ऐसी गंभीर स्थिति पैदा ही नहीं होती। कोर्ट के इस रुख से साफ है कि अब सार्वजनिक जगहों पर लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।


RO. NO 13783/ 27

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

RO. NO 13783/ 27
921060520260450131007062156.jpg

Related News

Advertisement

RO. NO 13783/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
921060520260450131007062156.jpg

Popular Post

This Week
This Month
All Time

Advertisement

RO. NO 13783/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
921060520260450131007062156.jpg

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.