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जन समर्पण सेवा संस्था बनी मानव सेवा की मिशाल, सेवाभावी कार्यों के पूरे किए 3 हजार दिन

जन समर्पण सेवा संस्था बनी मानव सेवा की मिशाल, सेवाभावी कार्यों के पूरे किए 3 हजार दिन

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सेवा दिवस को यादगार बनाने 19 अप्रैल को भव्य आयोजन, पशु-पक्षियों के दाना-पानी के लिए पार्षदों को संस्था देगी कोटना व सकोरे
दुर्ग। 
जन समर्पण सेवा संस्था दुर्ग ने जरुरतमंदो को नि:शुल्क भोजन सेवा के अलावा अन्य सेवाभावी कार्यों के 3 हजार दिन याने 8 वर्ष 3 माह का लंबा समय पूर्ण कर लिया है। इन सेवा कार्यों की खास बात रही कि यह सेवा कार्य 3 हजार दिनों में एक दिन भी कभी थमा नहीं। सेवा कार्यों में बराबर निरंतरता रही। संस्था के कुल 40 युवा सदस्यों का यह सेवाभावी कार्य छत्तीसगढ़ में अपने तरह का अनोखा रिकॉर्ड है। जो मानव सेवा की बड़ी मिशाल है। सेवा के इन 3 हजार दिनों को यादगार बनाने जन समर्पण सेवा संस्था द्वारा 19 अप्रैल को मानव सेवा के साथ-साथ पशु-पक्षियों की सेवा करने का भी निर्णय लिया गया है। इस सेवाभावी कार्य के लिए पुराना बस स्टैण्ड में दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसमें भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों की चिंता करते हुए संस्था द्वारा उनके दाना-पानी के लिए शहर के पूरे 60वार्डों में प्रति वार्ड 8 नग कोटना और करीब 70 नग सकोरे का वितरण किया जाएगा। इसके लिए 450 की संख्या में कोटना और 4 हजार की संख्या में सकोरे तैयार करवाए गए है। जन समर्पण सेवा संस्था द्वारा इस सेवाभावी कार्य में पार्षदों की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। कार्यक्रम में विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। जिनके हाथों से पार्षदों को वार्डों के लिए कोटना व सकोरे प्रदान किए जाएंगे। जन समर्पण सेवा संस्था का मानना है कि
भूखे को भोजन करवाना सबसे बड़ा मानव धर्म है। इस धर्म को इंगित करते हुए जन समर्पण सेवा संस्था द्वारा शुरू की गई भोजन सेवा एवं गौ सेवा आज पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायी बन गई है। कोई भूखा ना सोए इस अनुकरणीय पहल के साथ 1 जनवरी 2017 से आज तक बिन रुके बिना किसी दिन नागा के प्रतिदिन दुर्ग रेल्वे स्टेशन एवं शहर के विभिन्न स्थानों में करीब 150-200 जरूरतमंद गरीब, असहाय, दिव्यांगजनों को संस्था द्वारा भोजन निरंतर करवाया जा रहा है। इस कार्य में संस्था के युवा साथियों के साथ अन्य स्वयंसेवक, धार्मिक एवं सामाजिक संस्था भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। संस्था के इस नेकी कार्य में शहर एवं प्रदेश के दानदाता भी सहयोग देकर इस पुनीत कार्य का हिस्सा बन रहे है। इस संबंध में मंगलवार को मीडिया से चर्चा में जन समर्पण सेवा संस्था के प्रमुख योगेेन्द्र शर्मा (बंटी) ने बताया कि
संस्था के सेवा कार्य को शुरू किए 3000 दिवस पूर्ण हो गए है। जिसमें प्रतिदिन दुर्ग रेल्वे स्टेशन में एक साथ सभी गरीब, असहाय, विकलांगजनों को भोजन कराया जा रहा है। जिसमें प्रतिदिन भोजन के लिए आने वाले जरूरतमंद जब यहां पर भोजन कर जाते हैं तो दुआएं व आशीर्वाद दिए बिना नहीं रहते। ये दुआएं व आशीर्वाद यहां सेवा दे रहे लोगों में ऊर्जा का कार्य कर रहा है। इस सेवा कार्य में आमजन की भागीदारी निरंतर बढ़ती जा रही है। योजना शुरू करने के बाद से दानदाताओं का सहयोग निरंतर मिल रहा है।
प्रतिदिन संस्था के सदस्य एवं शहर के विभिन्न सामाजिक गण संस्था के सदस्यों के साथ मिलकर संस्था की थीम के अनुसार अपने सुअवसरों को सामाजिक सरोकार से जोड़ने की कोशिश लगातार कर रहे है। खुशी के पल बांटते है यहां लोग अपने खुशी के पल जैसे जन्मदिन, शादी की सालगिरह सहित विभिन्न अवसरों पर यहां गरीबों को भोजन के माध्यम से अपनी खुशी बांटते हैं। इस सेवा के शुरू होने के बाद से रोजाना यहां लोग जरूरतमंद के बीच आकर उन्हें भोजन कराकर अपने खुशियों को दोगुना करते हैं। श्री शर्मा ने बताया कि 1 जनवरी 2017 से प्रारंभ की गई यह सेवा को तीन हजार दिन पूर्ण हो गए है। इस 3000 दिनों में संस्था द्वारा सभी के सहयोग से प्रतिदिन लगभग 150 से 200 गरीब, असहाय, एवं जरूरतमंदों को भोजन के साथ साथ साबुन, निरमा, तेल, दवाई. दूध, बिस्किट, कपड़ा एवं विकलांगों को ट्रायसिकल, बैशाखी, व्हीलचेयर, कम्मोट चेयर, ठंड से बचने के लिए कम्बल, कपडे, बर्तन एवं अन्य सामाग्री निशुल्क वितरण करते आ रही है। इन 3000 दिनों में संस्था द्वारा 96 बैसाखी, 53 ट्रायसिकल और लगभग 4800 से अधिक कम्बल वितरण किया जा चुका है। संस्था द्वारा शहर में पशु-पक्षियों के दाना-पानी के लिए घरों की छत में रखने के लिए लगभग 3 हजार से अधिक साकोरे एवं शहर के प्रमुख 300 स्थानों में कोटना रखा गया है। गौ माता को दुर्घटना से बचाव के लिए 1 हजार से ज्यादा रेडियम पट्टी संस्था द्वारा गौ माता के गले में पहनाई गई है। दीपावली पर्व में नए कपड़े, साड़ी, मिष्ठान, बच्चों को पटाखा, होली में रंग गुलाल एवं अन्य सभी पर्वों में उपयोग की जाने वाली जरूरत की सामग्री का वितरण कर खुशियां बांटी गई है।
संस्था द्वारा गंभीर बीमारी, लकवा, दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को मेडिकल पर्लंग, व्हीलचेयर, कम्मोट चेयर भी नि:शुल्क करवाती है। एबुलेंस की सुविधा भी संस्था द्वारा शुुरु की गई है। संस्था के सेवाभावी कार्यों में सदस्यगण आशीष मेश्राम, राजेंद्र ताम्रकार, अर्जित शुक्ला, सुजल शर्मा, प्रकाश कश्यप, आदित्य नारंग, विकास पुरोहित, मृदुल गुप्ता, ईश्वर साहू, दद्दू ढीमर, संजय सेन, महेश गुप्ता, ईशान शर्मा, शब्बू पाकीजा, अख्तर खान, शंकु ढीमर, हरीश ढीमर, ऋषि गुप्ता, मोहित पुरोहित, रूपल गुप्ता, वासु शर्मा, शुभम सेन, शिबू खान, दुर्गेश यादव, सचिन व अन्य सदस्यों का लगातार सहयोग मिल रहा है।



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