Jwala

Express News

जरा हट के

डॉग फूड पैकेट में रेंग रहे थे कीड़े, महिला को मिला ₹10 हजार का मुआवजा

डॉग फूड पैकेट में रेंग रहे थे कीड़े, महिला को मिला ₹10 हजार का मुआवजा

31015062026171020consumer-court.webp

डॉग फूड पैक में कीड़े पाए जाने पर अदालत ने एक महिला को मुआवजा देने का आदेश दिया। कुत्ते के लिए खरीदे गए एक फूड पैकेट के अंदर जीवित कीड़े (Worms) मिलने पर विवाद खड़ा हो गया। चंडीगढ़ के उपभोक्ता आयोग ने निर्माता को खराब पेट फूड बेचने के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए, ड्रूल्स पेट फूड को मुआवजे के तौर पर 10 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया।

उपभोक्ता निकाय एक महिला द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसने अपने पालतू जानवर के लिए पैकेटबंद भोजन खरीदा था लेकिन दावा किया कि फूड में कीड़े थे और इसके लिए मुआवजे की मांग की थी। अध्यक्ष अमरिंदर सिंह सिद्धू और सदस्य बृज मोहन शर्मा की पीठ ने कंपनी के इस तर्क को खारिज कर दिया कि शिकायतकर्ता अपने पालतू जानवर से संबंधित कोई मेडिकल स्लिप पेश करने में फेल हुई। अदालत ने पाया कि मामला बेचे गए प्रोडक्ट की क्वालिटी से संबंधित है न कि जानवर को हुए किसी नुकसान से।

RO. NO 13910/80

आदेश में कहा गया, “उपरोक्त चर्चा को देखते हुए, यह मानना ​​है कि ओपी (ड्रूल्स पेट फूड) पालतू जानवरों के लिए बने खराब खाद्य उत्पाद को बेचकर लापरवाही बरत रहा था और सेवा में कमी और अनुचित व्यापार का दोषी था।”

डॉग फूड के पैकेट में निकले कीड़े

शिकायतकर्ता ने अपने सात साल पालतू लैब्राडोर कुत्ते के लिए 4 अप्रैल, 2023 को चंडीगढ़ के एक स्टोर से ड्रूल्स एब्सोल्यूट कैल्शियम (सॉसेज) और कुछ अन्य पालतू जानवरों के सामान खरीदे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उसने 7 मई, 2023 को सीलबंद सॉसेज के पैकेटों में से एक को खोला, तो उसने पाया कि वह सड़ा हुआ था और उसमें कीड़े-मकोड़े भरे हुए थे। शिकायतकर्ता ने तुरंत घटना की तस्वीरें और वीडियो बनाए और वेबसाइट के साथ-साथ प्रोडक्ट के बॉक्स पर उपलब्ध ग्राहक सेवा नंबर पर कॉल किया।

कंपनी ने उत्पाद की क्वालिटी मेंटेन करने में लापरवाही बरती

आगे बताया गया कि शिकायतकर्ता ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा और न्याय पाने के लिए ईमेल भी लिखा। उक्त खाद्य पदार्थ निर्माता कंपनी ने कथित तौर पर 9 मई, 2023 को एक ईमेल के माध्यम से माफी मांगी और अपनी गलती स्वीकार करते हुए संबंधित सॉसेज का नमूना देने का अनुरोध किया जिसे शिकायतकर्ता ने अस्वीकार कर दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसने एक्स्पायरी डेट के अंदर एक अच्छी तरह से सीलबंद प्रोडक्ट खरीदा था और कंपनी ने उत्पाद की क्वालिटी मेंटेन करने में लापरवाही बरती। कंपनी द्वारा किए गए इन कृत्यों को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार बताते हुए, उपभोक्ता ने शिकायत दर्ज की।

आयोग ने पाया कि ड्रूल्स पेट फूड यह साबित करने के लिए कोई सबूत पेश करने में विफल रहा कि शिकायतकर्ता ने फूड सही से नहीं रखा और आवश्यकतानुसार इसे ठंडी और सूखी जगह पर स्टोर करने में विफल रही। उपभोक्ता निकाय ने यह भी बताया कि कंपनी ने शिकायतकर्ता को भेजे गए एक ईमेल में घटना के लिए माफी मांगी थी और अपनी कमी को स्वीकार किया था। हालांकि, साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि अनुचित तरीके से रखने के कारण या ट्रांसपोर्ट के दौरान कीड़े पैदा हुए हों।

ड्रूल्स पेट फूड को 10 हजार रुपये मुआवजा चुकाने का आदेश

आयोग ने पाया कि कंपनी का खुद का स्पष्टीकरण भी अनिश्चित था क्योंकि उसने केवल यह सुझाव दिया था कि कीड़े अनुचित स्टोरेज के कारण पैदा हो सकते हैं। आयोग ने कहा कि इस तरह का बचाव पूरी तरह से काल्पनिक था और इससे निर्माता को दायित्व से मुक्त नहीं किया जा सकता था।
ड्रूल्स पेट फूड को शिकायतकर्ता को 540 रुपये वापस करने और मुआवजे और मुकदमेबाजी लागत के रूप में 10,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया।

एडवोकेट राहुल पांडे ने ड्रूल्स पेट फूड की तरफ से ने स्वीकार किया कि शिकायतकर्ता ने 28 अप्रैल, 2023 की तारीख वाले बिल के माध्यम से उत्पाद खरीदा था। यह भी स्वीकार किया गया कि शिकायतकर्ता ने 7 मई, 2023 को टेलीफोन और ईमेल के माध्यम से कंपनी के उपभोक्ता संबंध विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि उत्पाद को जिस तरीके से रखा जाना चाहिए था, यानी उसे ठंडी और सूखी जगह पर स्टोर किया जाना चाहिए था, उसका शिकायतकर्ता द्वारा पालन नहीं किया गया जिसके परिणामस्वरूप सॉसेज की गुणवत्ता में कमी आ सकती है और उसमें कीड़े लगने की संभावना बढ़ सकती है।



एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

35417072026190028whatsappimage2026-07-18at12.23.55am.jpeg
69617072026183541whatsappimage2026-07-18at12.01.54am.jpeg

Related News

Advertisement

RO. NO 13910/80
65617072026192135mahtari_vandan.jpeg
87817072026182112chatgptimagejul17,2026,11_44_24pm.png
69617072026183541whatsappimage2026-07-18at12.01.54am.jpeg
35417072026190028whatsappimage2026-07-18at12.23.55am.jpeg
RO. NO 13910/80
65617072026192135mahtari_vandan.jpeg

Popular Post

This Week
This Month
All Time

Advertisement

RO. NO 13910/80
65617072026192135mahtari_vandan.jpeg
87817072026182112chatgptimagejul17,2026,11_44_24pm.png
69617072026183541whatsappimage2026-07-18at12.01.54am.jpeg
35417072026190028whatsappimage2026-07-18at12.23.55am.jpeg
RO. NO 13910/80
65617072026192135mahtari_vandan.jpeg

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.