भोपाल के कोहेफिजा क्षेत्र में शत्रु संपत्ति से जुड़े पुराने मामले की जांच फिर शुरू हुई है। राजस्व विभाग ने खसरा नंबर 42/10 से जुड़े व्यक्ति को नोटिस जारी कर 24 सितंबर को दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा है। मामला रियाज मंजिल और नवाब परिवार से जुड़ी अन्य संपत्तियों की जांच से संबंधित है।
भोपाल: में नवाब परिवार से जुड़ी कथित ‘शत्रु संपत्ति’ का मामला एक बार फिर चर्चा में है। अब इसकी जांच का दायरा वर्तमान भू-स्वामियों और रहवासियों तक पहुंचता नजर आ रहा है। कोहेफिजा क्षेत्र में राजस्व विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। संबंधित लोगों से जमीन से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य पेश करने को कहा गया है।
एक नोटिस ग्राम कोहेफिजा के खसरा नंबर 42/10 से जुड़ा है। इसमें 0.0320 हेक्टेयर जमीन का उल्लेख है। संबंधित व्यक्ति को 24 सितंबर को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में अमिताभ अग्निहोत्री की शिकायत का भी उल्लेख है। जांच के दौरान रियाज मंजिल को भारत के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय के अनुसार ‘शत्रु संपत्ति’ घोषित किए जाने की बात कही गई है। साथ ही राजस्व रिकॉर्ड के कॉलम नंबर 12 में ‘शत्रु संपत्ति जांच’ की प्रविष्टि का जिक्र है। नोटिस में Enemy Property Act, 1968 की धारा 12 का भी हवाला दिया गया है
रियाज मंजिल से जुड़ा है मामला
रियाज मंजिल का संबंध भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम से बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह संपत्ति नवाब ने अपनी पत्नी को दी थी।
मामला इसलिए अहम है क्योंकि जांच का दायरा सिर्फ रियाज मंजिल तक सीमित रहने के संकेत नहीं हैं। जून 2026 में भोपाल कलेक्टर की ओर से बैरागढ़ समेत अलग-अलग एसडीएम क्षेत्रों में शत्रु संपत्तियों की जांच के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसमें रियाज मंजिल के साथ मेपल हाउस, नानी की हवेली और नवाब परिवार से जुड़ी अन्य संपत्तियों की भी जांच का उल्लेख था।
आफताब जहां बेगम से जुड़ी जमीनों को लेकर भी पुराने राजस्व रिकॉर्ड और जमीनों की बिक्री के दावे सामने आए हैं। बेहटा और बोरबन में बड़ी मात्रा में जमीन उनके नाम दर्ज होने की बात कही गई है। वहीं, कुछ जमीनों की बिक्री में कथित फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और हस्ताक्षर के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए गए हैं। बेहटा की 30.55 एकड़ जमीन की 1994 में हुई बिक्री की जांच की मांग भी की गई है।
रहवासियों के लिए सबसे बड़ा सवाल
कोहेफिजा, बैरागढ़ और खानूगांव क्षेत्र में इस कार्रवाई के बीच सबसे अहम सवाल यह है कि संबंधित जमीनें 29 अप्रैल 2024 के अभिरक्षक आदेश में शामिल हैं या अभी केवल जांच के दायरे में हैं।
फिलहाल नोटिस में रियाज मंजिल को ‘शत्रु संपत्ति’ घोषित किए जाने और संबंधित खसरे में ‘शत्रु संपत्ति जांच’ की प्रविष्टि, दोनों का उल्लेख है। ऐसे में अंतिम स्थिति संबंधित आदेश, राजस्व रिकॉर्ड और जांच के निष्कर्षों से स्पष्ट होगी।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल
सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001
मो.- 9993590905
बैंक का नाम : IDBI BANK
खाता नं. : 525104000006026
IFS CODE: IBKL0000525
Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001
Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved
Designed By - Global Infotech.