Jwala

Express News

छत्तीसगढ

कम लागत, दोगुना फायदा: जशपुर के किसान ने गेहूं की खेती से बढ़ाई आमदनी

कम लागत, दोगुना फायदा: जशपुर के किसान ने गेहूं की खेती से बढ़ाई आमदनी

423020720260957211008244897.jpg

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से कृषि विभाग के मार्गदर्शन का किसानों को मिल रहा लाभ*

खरीफ के साथ रबी फसल अपनाकर किसान बन रहे आत्मनिर्भर, बढ़ रही आय

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे वे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।

जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम सोगड़ा निवासी किसान श्री कीना राम इस पहल का सफल उदाहरण हैं। सीमित कृषि भूमि होने के बावजूद उन्होंने खरीफ के साथ रबी सीजन में गेहूं की खेती अपनाकर अपनी आय में वृद्धि की है।

किसान श्री कीना राम ने बताया कि कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के मार्गदर्शन में उन्होंने रबी फसल की खेती शुरू की। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) योजना के तहत उन्हें एक एकड़ भूमि के लिए उन्नत किस्म का गेहूं बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया गया।

उन्होंने खेत की अच्छी तैयारी कर पर्याप्त मात्रा में गोबर की खाद का उपयोग किया तथा समय-समय पर सिंचाई और खरपतवार प्रबंधन किया। इसका परिणाम यह रहा कि फसल में कीट एवं रोगों का प्रकोप बहुत कम रहा और गेहूं का अच्छा उत्पादन प्राप्त हुआ।

श्री कीना राम ने बताया कि उनके पास कुल 0.800 हेक्टेयर कृषि भूमि है। पहले वे केवल खरीफ सीजन में धान की खेती करते थे और रबी सीजन में खेत खाली छोड़ देते थे। इससे उन्हें गेहूं बाजार से खरीदना पड़ता था। अब रबी में गेहूं की खेती करने से परिवार के लिए गुणवत्तापूर्ण अनाज उपलब्ध होने के साथ अतिरिक्त उत्पादन बेचकर आय भी प्राप्त हो रही है।

उन्होंने बताया कि धान के बाद गेहूं की खेती से खाली समय और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है, खेती की लाभप्रदता बढ़ी है तथा रबी में पड़ती भूमि भी समाप्त हो गई है। इससे परिवार की खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।

किसान श्री कीना राम ने अन्य किसानों से भी खरीफ के साथ रबी सीजन में गेहूं, दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कम लागत और कम समय में बेहतर आमदनी प्राप्त करने के लिए रबी फसल एक बेहतर विकल्प है। साथ ही उन्होंने कृषि विभाग एवं छत्तीसगढ़ शासन का मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।



एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

स्वामी / संपादक : ज्वाला प्रसाद अग्रवाल

सिंधी कॉलोनी, सिंधी गुरुद्वारा के पीछे, दुर्ग, छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001

मो.- 9993590905

विज्ञापन एवं सहयोग के लिए इस पर भुगतान करें

बैंक का नाम : IDBI BANK

खाता नं. : 525104000006026

IFS CODE: IBKL0000525

Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 490001

SCAN QR
qr-paytm
SCAN QR
Googlepay

Copyright 2025-26 JwalaExpress - All Rights Reserved

Designed By - Global Infotech.