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सफलता की मिसाल बनी लखपति दीदी पुस्‍तकला ठकरेले

सफलता की मिसाल बनी लखपति दीदी पुस्‍तकला ठकरेले

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सिलाई से शुरू हुआ सफर, कैंटीन होते हुए ई-रिक्‍शा तक पहुंचा
बालाघाट। 
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की बदौलत ग्राम हीरापुर की श्रीमती पुष्तकला ठकरेले ने वह कर दिखाया, जो कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है। कभी सिलाई का काम करके घर-परिवार चलाने वाली पुष्तकला दीदी ने मेहनत, हिम्मत और सही दिशा में उठाए कदमों से न सिर्फ अपनी आर्थिक स्थिति सुधारी, बल्कि अपने परिवार को लखपति परिवार बनने की राह पर भी अग्रसर किया है।
बालाघाट विकासखंड के ग्राम हीरापुर की निवासी पुस्‍तकला ठकरेले ने गरीबी को करीब से देखा है और अभावों के जीवन ने उसे कई तरह के अनुभव भी दिये है। परिवार की आर्थिक स्थिति को बदलने के लिए वह 01 सितंबर 2019 को कल्याणी आजीविका स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उसमें आत्‍मविश्‍वास का संचार हुआ और तभी से उसकी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ ली। समूह से जुड़ने के थोड़े समय बाद उन्होंने समूह से रिवाल्विंग फंड की 10 हजार रुपये की राशि लेकर रंगोली व्यवसाय शुरू किया। उसकी लगन एवं मेहनत से इस छोटे से व्यवसाय ने उसे 20 हजार रुपये की आय दिला दी। इस आय ने उसे आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया।

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कैंटीन व्यवसाय से मिली मजबूत उड़ान..
रंगोली व्यवसाय से मिली सफलता ने पुस्‍तकला के मन में बड़े सपने जगाए। उसने सीसीएल के माध्‍यम से 50 हजार रुपये का ऋण लेकर जनपद पंचायत बालाघाट में ‘आजीविका दीदी’ के नाम से कैंटीन शुरू किया। कैंटीन शुरू होते ही उसकी मेहनत रंग लाई। कैंटीन से उसे रोज़ाना 02 से ढाई हजार रुपये तक की कमाई होने लगी। यह आय उसके जीवन में आर्थिक स्थिरता लेकर आई। सिर्फ खुद तक सीमित न रहते हुए, पुष्तकला दीदी ने अपने पति के लिए भी आय का साधन खड़ा करने का निर्णय लिया। ई-रिक्शा खरीदने के लिए थोड़ी राशि कम पड़ रही थी, इसलिए उन्होंने सीएलएफ से 01 लाख रुपये का ऋण लिया और ई-रिक्शा खरीदकर अपने पति का व्यवसाय भी शुरू कराया। ई-रिक्‍शा से पति को अच्‍छी आय होने लगी है। पति-पत्नी दोनों कमाने लगे हैं और परिवार की आय पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गई है।
मेहनत, लगन और आजीविका मिशन द्वारा दिए गए अवसरों का सही उपयोग करते हुए पुष्तकला दीदी का परिवार आज लखपति परिवार के रूप में स्थापित हो चुका है। पुस्‍तकला की मेहनत, लगन, ईमानदारी यह साबित करती है कि यदि ईरादे मजबूत हों और अवसर का सही उपयोग किया जाए, तो कोई भी सफलता असंभव नहीं होती।



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