दुर्ग। नगर निगम परिषद का कार्यकाल खत्म हो गया। सोमवार से नगर निगम के कामकाज का जिम्मा बतौर प्रशासक कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी देखेगी।अब तक के दुर्ग निगम के इतिहास में यह दूसरी दफा होगा जब नगर निगम का कामकाज प्रशासक के हवाले किया गया।
राज्य सरकार ने जिले के कलेक्टरों को प्रशासक बनाया है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने नगर निगम के प्रशासक के तौर पर सोमवार सुबह 11 बजे पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर कमिश्नर सुमित अग्रवाल, पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल,पूर्व सभापति राजेश यादव, पूर्व एमआईसी सदस्य अब्दुल गनी,सजंय कोहले, दीपक साहू,भोला महोविया, राज कुमार नारायणी, विजेंद्र भारद्वाज,भास्कर कुंडले सहित उपायुक्त मोहेंद्र साहू, कार्यपालन अभियंता मोहन पूरी गोस्वामी, दिनेश नेताम,आरके जैन,गिरीश दीवान, वीपी मिश्रा,आरके बोरकर के अलावा निगम अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहें।
–कलेक्टर बने प्रशासक..
आगामी महापौर के चुनाव तक प्रशासक ही नगर निगम की जिम्मेदारियों को संभालेंगे।जब तब आचार संहिता नहीं लग जाती है प्रशासक ही सभी फैसले करेंगे। टेंडर की जो प्रक्रिया होगी उसे प्रशासक ही कराएंगे। एमआईसी और सामान्य सभा की ओर से लिए जाने वाले निर्णय करने का अधिकार भी प्रशासक के पास रहेगा। आचार संहिता लागू होने के बाद नए काम पर रोक जरुर लग जाएगी।
–नए काम पर रहेगी रोक..
प्रदेश सरकार इस संबंध में आदेश जारी कर दिया था।चूंकि पांच साल पहले शहर सरकार ने 06 जनवरी को ही शपथ ली थी इसलिए उसे 05 जनवरी तक काम करने का अवसर दिया गया। कलेक्टर और नगर निगम प्रशासक सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा कि नगर निगम में पुराने परिषद का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 तक था। उनका कार्यकाल समाप्त हुआ इसके बाद राज्य शासन की अधिसूचना है कि कलेक्टर को प्रशासक के तौर पर नियुक्त किया गया है।कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने पदभार ग्रहण करते ही कमिश्नर सुमित अग्रवाल सहित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।